महाराष्ट्र: मालेगांव के सरकारी दफ्तर में नमाज पढ़ने पर 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर
नासिक। मालेगांव नगर निगम के बिजली विभाग कार्यालय में नमाज पढ़े जाने की घटना के बाद नासिक पुलिस ने एक्शन लिया है। इस मामले में पुलिस ने कुल 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बिजली विभाग कार्यालय में वायरमैन के पद पर तैनात महेंद्र रघुनाथ सावंत ने पुलिस में शिकायत दी कि कई लोगों ने कार्यालय में आकर यहां नमाज की और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। बिजली विभाग के कार्यालय में कई कर्मचारी ड्यूटी पर उपस्थित थे और अपने कार्य में जुटे थे। उसी समय लुकमान और सलीम एक्का अपने 4-5 साथियों के साथ बिजली विभाग के कार्यालय पहुंचे।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर: गंगनहर पटरी मार्ग पर ट्रक और पिकअप की भीषण भिड़ंत, दो बुजुर्गों की मौत, 18 मजदूर घायलशिकायत के अनुसार, लुकमान ने कर्मचारियों से कहा, "तुम्हारे साहब कहां गए? तुम गोदाम कीपर हो क्या? स्ट्रीट लाइट का हिसाब दो और अपना रजिस्टर दिखाओ।" वायरमैन महेंद्र ने जवाब में कहा कि जो लाइटें आई हैं, उन्हें विद्युत निरीक्षक जरूरत के हिसाब से वार्ड में लगाने के लिए ले गए हैं। महेंद्र ने उन लोगों से यह भी कहा कि विद्युत निरीक्षक ही बताएंगे कि लाइटें कहां लगेंगी। उस समय लुकमान अपने समर्थकों के साथ वहां से चला गया। इसके बाद लगभग शाम 5 बजे लुकमान अपने साथियों के साथ दोबारा कार्यालय में आया और वहां नमाज पढ़ने की बात कही। शिकायत के अनुसार, कथित तौर पर लुकमान ने कहा कि 'हम सब बिजली विभाग के कार्यालय में ही नमाज पढ़ेंगे और स्ट्रीट लाइट लेकर ही जाएंगे।' ऐसा कहते हुए, उन्होंने विद्युत अधीक्षक के केबिन के अंदर रखी कुर्सियां फेंक दीं।
महेंद्र रघुनाथ सावंत ने आरोप लगाया कि उन्होंने लोगों को समझाने का प्रयास किया, तभी उनमें से एक ने जोर से कुर्सी फेंकी जो उसके पैर में लगी। उन्होंने कुर्सी पर रखा सफेद कपड़ा जमीन पर डाल दिया और वहीं नमाज पढ़ने के लिए बैठने लगे। अन्य कर्मचारियों ने भी समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसी की कोई बात नहीं सुनी गई। उनमें से एक व्यक्ति मोबाइल पर वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए धमकी देने लगा। धक्का-मुक्की कर सरकारी कार्य में बाधा डाली गई। महेंद्र रघुनाथ सावंत की शिकायत के बाद नासिक (ग्रामीण) पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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