कोडिनयुक्त कफ सिरप मामले में एसआईटी की बड़ी कार्रवाई, अंकुल मौर्या की 40 लाख की सम्पत्ति कुर्की का नोटिस
जौनपुर। यूपी के जौनपुर में कोडिनयुक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत एसआईटी ने बड़ी पहल की है। गुरुवार को एसआईटी ने आरोपी अंकुल मौर्या को अवैध रूप से अर्जित लगभग 40 लाख रुपये की सम्पत्ति कुर्क करने के संबंध में नोटिस जारी किया है।
एसआईटी के अनुसार, वर्ष 2023 से अब तक इस अवैध कारोबार के जरिए आरोपियों द्वारा बड़ी संपत्ति अर्जित किए जाने की आशंका है, जिसका विस्तृत ब्यौरा जुटाया जा रहा है। मामले की सुनवाई दीवानी न्यायालय में अगली तिथि पर होगी।
ये भी पढ़ें नई दिल्ली: खरीफ फसलों के MSP पर मंथन, भाकियू अराजनैतिक ने उठाई एमएसपी को कानूनी गारंटी देने की मांगइस प्रकरण में शहर कोतवाली में कई प्राथमिकी दर्ज हैं। अब तक कुल 23 लोगों को आरोपित बनाया गया है, जिनके विरुद्ध गैर-जमानती वारंट जारी किए जा चुके हैं।एसआईटी का नेतृत्व कर रहे सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि अंकुल मौर्या की लगभग 40 लाख रुपये की संपत्ति कुर्क करने हेतु नोटिस तामील करा दी गई है। यदि अगली पेशी तक कोई राहत नहीं मिलती है तो कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि अंकुल मौर्या पहले से ही एक अन्य मामले में जिला जेल में निरुद्ध है।एसआईटी का कहना है कि अवैध कारोबार में शामिल सभी आरोपितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर: बीएसए दफ्तर पर गरजे बीकेयू शिक्षक प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, मांगों को लेकर दिया धरनाइसी मामले में भोला प्रसाद जायसवाल की गिरफ्तारी सोनभद्र एसआईटी द्वारा की गई थी। वहीं, वाराणसी न्यायालय में पेश हुए आरोपित अंकित श्रीवास्तव की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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