पानी में डूबने से हुई प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की मौत, सिंगापुर की अदालत में अहम खुलासे
गुवाहाटी। प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग की मौत पानी में डूबने से हुई थी। यह जानकारी सिंगापुर की एक अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान सामने आई, जहां इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर किए गए।
सिंगापुर पुलिस की जांच टीम ने अदालत को बताया कि समुद्र में उतरने से पहले जुबीन गर्ग ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। सुरक्षा मानकों की अनदेखी को इस हादसे का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि तैराकी से पहले यॉट पर शराब पार्टी हुई थी, जिससे हादसे की परिस्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामला फिलहाल अदालत में विचाराधीन है और आगे की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों एवं गवाहों की जांच जारी है।
उल्लेखनीय है कि 19 सितंबर 2025 को सिंगापुर में समुद्र में स्नान के दौरान जुबीन गर्ग की डूबने से मौत हो गई थी। इस मामले में असम पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि असम पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने गुवाहाटी की अदालत में 3500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
जुबीन गर्ग (जन्म: 18 नवंबर 1972, निधन: 19 सितंबर 2025) देश के सुप्रसिद्ध गायक थे। वे गायक के साथ-साथ संगीत निर्देशक, गीतकार, संगीतकार, अभिनेता, निर्माता, निर्देशक, वादक, कवि और सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। उन्होंने असमीया, हिन्दी, बंगाली, बोड़ो, राजबंशी, भोजपुरी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, अंग्रेजी, मलयालम, मराठी, संस्कृत, उर्दू सहित कई भारतीय और विदेशी भाषाओं में गीत गाकर संगीत जगत में एक विशिष्ट पहचान बनाई।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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