एक करोड़ की एलएसडी ड्रग्स तस्करी मामले में एसटीएफ के चार पुलिसकर्मी बर्खास्त

शिमला। हिमाचल प्रदेश में ड्रग्स तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच राज्य पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एसटीएफ कुल्लू के चार पुलिसकर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। इन पर एलएसडी तस्करी से जुड़े एक मामले में संलिप्तता के आरोप हैं। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य में नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है।
यह मामला शिमला के न्यू शिमला थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां 10 मार्च को पुलिस ने पंजाब के मोगा निवासी संदीप शर्मा और सिरमौर की प्रिया शर्मा के कब्जे से 562 एलएसडी स्ट्रिप्स (करीब 11.570 ग्राम) बरामद की थीं। जांच के दौरान इस मामले के सप्लायर के रूप में केरल के नविएल हैरिसन की पहचान हुई, जिसे 13 मार्च को हरियाणा के गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार जांच में सामने आया कि यह एलएसडी खेप कुल्लू जिले में लाई गई थी और उस दौरान एसटीएफ में तैनात चार पुलिसकर्मियों ने इसे रोकने के बावजूद आरोपियों के साथ मिलकर तस्करी को बढ़ावा दिया। पुलिस के मुताबिक यह गंभीर अनुशासनहीनता, आपराधिक साजिश और नैतिक कदाचार का मामला है।
इस मामले में शामिल पाए जाने पर हेड कांस्टेबल राजेश कुमार (40), हेड कांस्टेबल समीर कुमार (40), कांस्टेबल नितेश (46) और कांस्टेबल अशोक कुमार (42) को पहले 16 मार्च को निलंबित किया गया था। इसके बाद डिजिटल, तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर उन्हें 19 मार्च को गिरफ्तार कर चार दिन के रिमांड पर भेज़ा गया था। अब विस्तृत जांच के बाद संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) और पुलिस अधिनियम के प्रावधानों के तहत चारों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। ये चारों कुल्लू जिला के रहने वाले हैं।
प्रदेश पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें पुलिस बल के अंदर से ही नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क को लेकर सख्त संदेश देने की कोशिश की गई है। राज्य सरकार और पुलिस का कहना है कि नशे से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में इससे पहले भी ड्रग्स से जुड़े मामलों में 17 पुलिसकर्मियों को सेवा से हटाया जा चुका था। ताजा कार्रवाई के बाद बर्खास्त किए गए पुलिसकर्मियों की कुल संख्या बढ़कर 21 हो गई है। पुलिस के मुताबिक यह कदम पुलिस बल की विश्वसनीयता बनाए रखने और नशे के खिलाफ अभियान को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य में 15 नवंबर 2025 से शुरू किए गए एंटी-चिट्टा अभियान के तहत पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस का कहना है कि इस अभियान में सरकार, प्रशासन और आम लोगों की भागीदारी बढ़ रही है और इसे जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस ने लोगों खासकर युवाओं से अपील की है कि नशे से जुड़ी किसी भी जानकारी को तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाना में साझा करें। अधिकारियों का कहना है कि सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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