गोदावरी नदी में पांच इंजीनियरिंग छात्र डूबे, दो की तलाश जारी

अमरावती,। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के पोलावरम जिले में गोदावरी नदी में पांच इंजीनियरिंग छात्र डूब गए। तीन छात्रों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। यह दुखद घटना अटापाका मंडल के पुरुषोत्तम पटनम के पास हुई। पुलिस के अनुसार, आंध्र प्रदेश के अमरावती स्थित एसआरएम इंजीनियरिंग कॉलेज के सात छात्र नहाने के लिए नदी में उतरे थे। पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण छात्र अचानक डूबने लगे। पांच छात्र बह गए, जबकि दो किसी तरह नदी किनारे तक पहुंचने में कामयाब रहे। स्थानीय निवासियों ने नाव की सहायता से लापता युवकों की तलाश शुरू की।
पुलिस और अन्य अधिकारियों ने भी तलाशी अभियान में हिस्सा लिया। तीन युवकों के शव बरामद किए गए। उनकी पहचान सी. श्रीकर, पी. अभिराम और नवदीप के रूप में हुई है। श्रीकर तेलंगाना के भद्राचलम से, अभिराम विजयनगरम से और नवदीप कृष्णा जिले के वुय्युरु से थे। वुय्युरु और मदनपल्ली के रहने वाले गोका तेजा और पशम सतीश कुमार की तलाश जारी थी। ये छात्र अमरावती के एसआरएम कॉलेज में बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र थे। वे उगादी की छुट्टियों के दौरान घूमने आए थे। तेलंगाना के भद्राचलम की यात्रा के बाद वे पुरुषोत्तम पटनम पहुंचे। उनमें से दो, आंध्र प्रदेश के चंदूरी दीपक और गद्दाम हर्षवर्धन, नदी किनारे सुरक्षित पहुंचने में कामयाब रहे।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने घटना के संबंध में अधिकारियों से बात की और विस्तृत जानकारी जुटाई। अधिकारियों ने बताया कि सात छात्र गोदावरी नदी में स्नान करने गए थे, जिनमें से पांच लापता हो गए। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि लापता छात्रों में से तीन की मृत्यु हो गई है, जबकि शेष दो छात्रों, सतीश कुमार और तेजा की तलाश जारी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को लापता दोनों छात्रों की तलाश तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू ने मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी रहेगी।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां