एसबीआई शाखा के काउंटर में रखे रुपयों से भरे बैग को किशोर ने उड़ाया
प्रधानाध्यापक ने खाते से निकाले थे एक लाख रुपयेसीसीटीवी कैमरे में टप्पेबाज की नजर आई फोटो

हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में कैश काउंटर में रखे रुपयों के भरे बैग को एक किशोर लेकर चंपत हो गया। प्रधानाध्यापक उस समय फोन पर बात कर रहे थे। बात खत्म होने के बाद जब प्रधानाध्यापक ने बैग देखा तो गायब था। प्रधानाध्यापक को जब रुपयों से भरा बैग नहीं मिला तो उसने बैंक कर्मियों को घटना की जानकारी दी। वहीं अचानक हुई इस घटना से एसबीआई बैंक में हड़कंप मच गया। शुक्रवार को घटना के बाद पीड़ित प्रधानाध्यापक ने कोतवाली में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
राठ कस्बे के सिकंदरपुर मोहल्ला निवासी रामकिशन पुत्र खुशहालीराम बताया कि वह पहाड़ी गढ़ी गांव में स्थित जूनियर हाई स्कूल में बतौर प्रधानाध्यापक कार्यरत हैं। बताया कि वह कस्बे में स्थित भारतीय स्टेट बैंक में रुपये निकालने के लिए आए हुए थे। बताया कि रुपये निकालने के बाद उन्होंने रुपयों को गिनकर बैग में रख लिए। उसी समय उनके मोबाइल फोन पर फोन आया जिस पर उन्होंने बैग को काउंटर पर रख दिया और फोन पर बात करने लगे। बताया कि बात खत्म करने पर जब उन्होंने काउंटर पर देखा तो उनका बैग गायब था।
बताया कि बैग में एक लाख रुपये रखे हुए थे। बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरे में बैग चोरी कर रहे किशोर की फोटो भी नजर आ रही है। बताया कि उन्होंने कोतवाली में लिखित तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। कोतवाल राकेश कुमार ने शुक्रवार को बताया कि घटना का खुलासा जल्द किया जाएगा।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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