योगी पहुंचे राजस्थान, राजनीतिक सरगर्मी हुई तेज़, इसी साल है राज्य में चुनाव
जयपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए। जोधपुर से केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत के साथ हेलीकॉप्टर से भीनमाल पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया। भीनमाल में मुख्यमंत्री योगी पहली बार किसी कार्यक्रम […]
जयपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को राजस्थान के जालोर जिले के भीनमाल स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर में प्रतिमा के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल हुए। जोधपुर से केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत के साथ हेलीकॉप्टर से भीनमाल पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया।
भीनमाल में मुख्यमंत्री योगी पहली बार किसी कार्यक्रम में आए थे। नीलकंठ महादेव मंदिर पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री योगी वारहश्याम मंदिर में भी दर्शन करने गए। उनके आगमन के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन भी हाई अलर्ट पर नजर आया। उनके आने-जाने वाले तय मार्गों पर अन्य यातायात पूरी तरह निषेध कर दिया गया। लोग उनकी झलक पाने को बेताब नजर आए।
ये भी पढ़ें खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय फंसे, पटियाला के छह लोगों ने पैसे खत्म होने पर किया फोन: बलबीर सिंहमुख्यमंत्री योगी के गजेन्द्र सिंह शेखावत के साथ प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने की खबर से ज्यादा उनके राजस्थान में आने को लेकर राजनीतिक गलियारे गर्म हो गए हैं। इसी साल के अंत में राजस्थान विधानसभा के चुनाव हैं और भाजपा के फायरब्रांड कहे जाने वाले योगी राजस्थान में भी लोकप्रिय हैं। उनके भीनमाल में आने को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चा शुरू हो गई हैं। इसे विधानसभा चुनावों से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में 200 विधायकों वाली राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस ने 100 सीटें हासिल कर सरकार बनाई। भाजपा को 72, बसपा को 6, राष्ट्रीय लोकदल को 3 सीटें मिली थीं और 20 सीटों पर निर्दलीय विधायकों ने जीत दर्ज की थी। भाजपा आसन्न चुनाव से पहले आदित्यनाथ की लोकप्रियता को राजस्थान में भी भुनाने से नहीं चूकेगी।
इधर, अपराधियों से निपटने के मामले में योगी की बुलडोजर नीति के चर्चे अभी राजस्थान में भी जोरों पर है। इसका कारण यह है कि हाल ही राजस्थान सरकार ने पेपर लीक प्रकरण में आरोपितों की सम्पत्तियों पर बुलडोजर चलाए हैं। लोगों में यही चर्चा है कि अपराध और अपराधियों से निपटने के लिए राजस्थान में भी उत्तर प्रदेश की बुलडोजर नीति का अनुसरण किया जा रहा है।
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