ईरान का दावा, 'मार गिराया एफ-15ई विमान,' यूएस सेंट्रल कमांड ने किया खारिज
तेहरान/वाशिंगटन। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने देश की दक्षिण-पश्चिमी सीमा के पास एक अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक फाइटर को मार गिराया। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने आईआरजीसी के हवाले से बताया कि दो सीटों वाला यह लड़ाकू विमान “निशाना बनाकर गिरा दिया गया।” हालांकि रिपोर्ट में घटना का समय नहीं बताया गया है। हालांकि इस दावे को अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सिरे से खारिज किया है। एक्स पर एक छोटी सी पोस्ट में सेंट्रल कमांड ने कहा कि ईरान में अमेरिकी एफ-15ई विमान के गिरने की अफवाह बेबुनियाद हैं और यह गलत दावा है। बुधवार को ही इजरायल ने दावा किया था कि उसने ईरान के मानवयुक्त जेट को उसके ही आसमान में मार गिराया है।
आईडीएफ ने दावा किया कि उसकी वायुसेना के एफ 35आई अदीर स्टील्थ लड़ाकू विमान ने ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की और ईरान के एक जेट को मार गिराया। बुधवार को एक्स पर आईडीएफ ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए एक पोस्ट में लिखा, "ईरानी जेट को मार गिराया गया: एयरफोर्स के एफ-35आई “अदीर” फाइटर जेट ने ईरानी एयर फोर्स के याक-130 फाइटर जेट को मार गिराया। यह एफ-35 “अदीर” फाइटर जेट द्वारा किसी मानवयुक्त फाइटर एयरक्राफ्ट को मार गिराने की ऐतिहासिक घटना है।" ईरान और इजरायल के बीच तनाव पिछले हफ्तों में तीव्र हो चुका है, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों और हवाई परिसरों पर हमले और मिसाइल वार किए हैं।
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वहीं, हमले के छठे दिन तस्नीम न्यूज एजेंसी ने फाउंडेशन ऑफ मार्टियर्स एंड वेटरन अफेयर्स के हवाले से बताया कि ईरान में यूएस-इजरायल के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,230 हो गई है। जनहानि के साथ ही ईरान की कई संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचा है। इस बीच ईरान ने यूरोपीय देशों को चेतावनी दी। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पेन के ब्रॉडकास्टर टीवीई से बातचीत में यह चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर यूरोपीय संघ के देश अमेरिका और इजरायल के हमलों पर चुप रहे तो उन्हें “जल्द या देर से इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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