बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया,घड़ा शोभायात्रा के लिए शंकराचार्य को आमंत्रण
वाराणसी । ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से गुरूवार को बदरीनाथ धाम के पुजारी समुदाय की शीर्ष पंचायत श्री बदरीनाथ डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत के अध्यक्ष के नेतृत्व में प्रतिनिधि मंडल ने मुलाकात की। शंकराचार्य घाट स्थित श्री विद्यामठ में शंकराचार्य को प्रतिनिधि मंडल ने बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण माने जाने वाली तेल कलश गाडू घड़ा शोभा यात्रा में शामिल होने का आमंत्रण दिया। यह शोभायात्रा ऋषिकेश से बदरीनाथ धाम के लिए प्रस्थान करती है। प्रतिनिधि मंडल ने शोभायात्रा में शामिल होने के लिए शंकराचार्य से अनुरोध भी किया।
श्री विद्यामठ के संजय पांडेय ने गुरुवार को बताया कि प्रयागराज माघ मेला में ज्योतिषपीठ शंकराचार्य के साथ हुई घटना के बाद बदरीनाथ धाम से जुड़ी महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा वाले धार्मिक उत्सव गाडू घड़ा शोभायात्रा में महाराज को शंकराचार्य के रूप में आमंत्रित किया जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। क्योंकि इस महत्वपूर्ण उत्सव के तहत बदरीनाथ में शंकराचार्य को परम्परा से आमंत्रित किया जाता रहा है। यह गाडू घड़ा दो चरणों में शोभा यात्रा के साथ श्री बदरीनाथ धाम के पुजारी समुदाय डिमरियों के मूल ग्राम डिम्मर स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा अर्चना के बाद कपाट खुलने पर डिमरी पुजारियों द्वारा बदरीनाथ धाम पहुंचाया जाता है।
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मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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