डिप्रेशन को हराने में कारगर '7बी' फॉर्मूला, छोटे बदलावों से मिलेगी बड़ी राहत
नई दिल्ली। डिप्रेशन आज की तेज रफ्तार वाली जिंदगी में एक आम समस्या बन चुकी है। यह एक गंभीर मानसिक स्थिति है, जिसमें व्यक्ति लगातार उदासी, निराशा, रुचि की कमी, थकान, नींद या भूख में बदलाव और कभी-कभी आत्महत्या के विचारों से जूझता है। हालांकि, ऐसा नहीं है कि इस स्थिति से पार नहीं पाया जा सकता। '7बी' फॉर्मूला डिप्रेशन से लड़ने में कारगर है।
नेशनल हेल्थ मिशन के अनुसार, डिप्रेशन से निपटने और दिमाग को शांत रखने के लिए रोजाना कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं। इन्हें '7बी' के नाम से जाना जाता है, जो डिप्रेशन को हराने, मानसिक स्वास्थ्य सुधारने और खुशहाल जीवन जीने में बहुत कारगर साबित होती हैं। ये आदतें आसान हैं और इन्हें अपनी दिनचर्या में शामिल करके कोई भी व्यक्ति बेहतर महसूस कर सकता है। ये 7बी छोटी-छोटी आदतें हैं, लेकिन इन्हें नियमित रूप से अपनाने से डिप्रेशन के लक्षणों में काफी सुधार आ सकता है। मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना महत्वपूर्ण है। अगर डिप्रेशन गंभीर हो तो डॉक्टर या काउंसलर से मदद लें। दैनिक दिनचर्या बनाएं (बील्ड अ डेली रूटीन): नियमित समय पर उठना, खाना, काम और सोना एक संरचित दिनचर्या बनाता है। इससे जीवन में स्थिरता आती है और डिप्रेशन के लक्षण कम होते हैं। ताजी हवा में सांस लें (ब्रीदींग इन फ्रेश एयर): रोजाना सुबह-शाम बाहर टहलें या वॉक करें। ताजी हवा और प्राकृतिक रोशनी से मूड बेहतर होता है, एंडॉर्फिन्स बढ़ते हैं जो खुशी का हार्मोन है। हेल्दी ऑप्शन के साथ डाइट बैलेंस करें (बैलेंस डाइट):- पौष्टिक भोजन लें जैसे फल, सब्जियां, साबुत अनाज, नट्स और पानी ज्यादा पिएं। जंक फूड और ज्यादा चीनी से बचें, क्योंकि ये मूड को प्रभावित करते हैं। विचारों और कामों में क्रिएटिव बनें (बी क्रिएटिव):- पेंटिंग, लेखन, संगीत, बागवानी या कोई नया हॉबी अपनाएं।
क्रिएटिविटी से दिमाग व्यस्त रहता है और नकारात्मक विचार कम होते हैं। योग से शरीर को मोड़ें और बैलेंस करें (बेंड एंड बैलेंस): रोजाना योगासन करें। योग शरीर को लचीला बनाता है, तनाव कम करता है और मन को शांत रखता है। इससे नींद भी अच्छी आती है। कम से कम 8 घंटे की नींद लें (बेड टाइम):- अच्छी नींद मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। रात को जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें। स्क्रीन टाइम कम करें ताकि नींद प्रभावित न हो। सकारात्मक सोच में विश्वास रखें (बिलीव इन पॉजिटिव थिंकिंग): हर दिन कुछ अच्छी बातें सोचें, कृतज्ञता लिखें या सकारात्मक लोगों से बात करें या उनसे अपने विचार साझा करें। नकारात्मक विचारों को चुनौती दें और खुद को लेकर अच्छी और पॉजिटिव सोच रखें।
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