इटली का एक शहर जहां बदबू सूंघने वालों की हो रही तलाश!
नई दिल्ली। इटली का एक शहर बदबू सूंघने वालों को सुनहरा अवसर दे रहा है। ये वो लोग होंगे जो बदबू सूंघ कर बदबूदार हवा की क्वालिटी सुधारने में मदद करेंगे। इतालवी अखबार 'इल मेसागेरो' के अनुसार, जो लोग अप्लाई करेंगे, उनकी सूंघने की क्षमता और आस-पास की गंध पहचानने की क्षमता की जांच की जाएगी। प्रशासन ने कैंडिडेट के लिए क्राइटेरिया भी तय कर लिया है। आवेदक 18 साल या उससे अधिक की उम्र का होना चाहिए, उसे अस्थमा या एलर्जी जैसी सांस की कोई बीमारी नहीं होनी चाहिए, और उसके पास एक वाहन और स्मार्टफोन होना चाहिए जिसमें एक ऐप होगा जिसका उपयोग गंध का डेटा रिकॉर्ड करने के लिए किया जाएगा।
स्थानी उत्तरी प्रांत विसेंजा के एक छोटे से शहर ब्रेंडोला के मेयर ब्रूनो बेल्ट्रामे ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने इंडस्ट्रियल जोन के पास रहने वाले लोगों से "बदबू" की शिकायतों के बाद छह "ऑडर इवैल्यूएटर्स" (बदबू मूल्यांकनकर्ताओं) के लिए भर्ती कैंपेन शुरू किया। ऑडर मेजरमेंट में स्पेशलाइजेशन रखने वाली एक फर्म की लीडरशिप में, उन्हें गंध में भेद करने की ट्रेनिंग दी जाएगी, जैसे कि वे गंध जो आमतौर पर फैक्ट्रियों से निकलती हैं या जो इंडस्ट्रियल कचरे या सीवेज से आती हैं। फिर उन्हें एक तयशुदा एरिया में जाकर सेंसरी असेसमेंट करने का काम दिया जाएगा। अगर कोई बदबू आती है, तो वे ऐप पर अपना अनुभव रिकॉर्ड करने से पहले हवा को सूंघने में समय बिताएंगे। बेल्ट्रेम ने कहा, “हमने करीब पांच साल पहले एक इंडस्ट्रियल इलाके में ऐसी ही जांच की थी। अब जहां से बदबू आ रही है, वो उसके ही पास है।
उससे, हम उन कंपनियों की पहचान कर पाए जो बदबू फैला रही थीं। अब हम यह पता लगाने के लिए ज्योग्राफिकल दायरा बढ़ा रहे हैं कि क्या उन्हीं कंपनियों ने फिर से बदबू फैलाना शुरू कर दिया है या अलग-अलग कंपनियां इसमें शामिल हैं।” यूके के जाने माने मीडिया आउटलेट द गार्डियन के अनुसार विसेंजा पो वैली में आता है, जो वेनेटो इलाके के आस-पास के प्रांतों के साथ-साथ पीडमोंट, लोम्बार्डी और एमिलिया-रोमाग्ना तक फैला एक बहुत बड़ा इलाका है। पो वैली एयर पॉल्यूशन के मामले में यूरोप के सबसे खराब इलाकों में से एक है। उन्होंने कहा कि हवा और पानी की क्वालिटी को बेहतर बनाने के लिए पूरे राज्य में कई कोशिशें लगातार चल रही हैं। हमारे पास बहुत सारे प्रोटोकॉल हैं, और अगर बिजनेस नियम तोड़ते हैं तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाता है।
ब्रेंडोला में लगभग 4,000 लोग रहते हैं जो पिछले कुछ सालों में पर्यावरण को लेकर काफी काम कर रहे हैं। बेल्ट्रामे ने कहा, “पहले वे शायद थोड़े लापरवाह रहे होंगे, लेकिन आज वे अपनी जिंदगी और आस-पास के पर्यावरण को बेहतर बनाना चाहते हैं। इसलिए जब वे छोड़ा हुआ कचरा देखते हैं या बदबू महसूस करते हैं, तो इसकी रिपोर्ट करते हैं। हम खुश हैं क्योंकि इससे हमें तुरंत दखल देने का मौका मिलता है ताकि और भी बुरी मुसीबतों को रोका जा सके।” स्थानीय प्रशासन ने शुरू में क्रिसमस से पहले इस नौकरी के लिए आवेदन मांगा था, जिस पर प्रतिक्रिया नहीं मिली। लेकिन इस हफ्ते फेसबुक पर ऐड दोबारा पोस्ट करने के बाद, लगभग एक दर्जन लोगों ने अप्लाई किया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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