चीन ने दक्षिण कोरिया के नागरिकों के लिए कोरोना नियमों में किये बड़े बदलाव, कोरोना टेस्ट अनिवार्य
बीजिंग, 0 चीन ने कोरोना नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए बुधवार से दक्षिण कोरिया से आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 टेस्ट को फिर अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में दोनों देशों के बीच परिचालन करने वाली एयरलाइनों को मंगलवार को नोटिस भेजकर आगाह किया गया है। नोटिस में कहा गया है कि […]
बीजिंग, 0 चीन ने कोरोना नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए बुधवार से दक्षिण कोरिया से आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 टेस्ट को फिर अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में दोनों देशों के बीच परिचालन करने वाली एयरलाइनों को मंगलवार को नोटिस भेजकर आगाह किया गया है।
नोटिस में कहा गया है कि दक्षिण कोरिया से आने वाली सीधी उड़ानों में सवार सभी यात्रियों का पोलीमरेज चेन रिएक्शन (पीसीआर) परीक्षण किया जाएगा।
ये भी पढ़ें मिडिल-ईस्ट में महायुद्ध की आहट: अमेरिका ने 15 देशों से अपने नागरिकों को तुरंत निकलने को कहाचीन ने साफ किया है कि पड़ोसी देश में कोविड के नए मरीजों की बढ़ती संख्या चिंताजनक है। साथ ही पिछले महीने सियोल ने चीन से आने वाले यात्रियों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इस वजह से यह कदम उठाया है।
ये भी पढ़ें ट्रंप की ट्रेड प्रतिबंध की चेतावनी के बाद झुका स्पेन, अमेरिकी सेना के सहयोग के लिए दी मंजूरीपीसीआर टेस्ट के बाद पॉजिटिव पाए गए लोगों को क्वारंटाइन या अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा। बीजिंग में सियोल के दूतावास ने कहा कि चीन सरकार ने केवल दक्षिण कोरिया के यात्रियों के लिए नए नियम के बारे में सूचित किया है।
ये भी पढ़ें दुबई में भारतीय दूतावास ने नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी, गैर-जरूरी यात्रा न करने की दी सलाहसियोल विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने चीन के “भेदभावपूर्ण” प्रवेश प्रतिबंधों पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि चीन को सीमा में लोगों के प्रवेश को प्रतिबंधित नहीं करना चाहिए
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
पत्रकारिता के अपने लंबे अनुभव के आधार पर उन्होंने वर्ष 2010 में नोएडा से रॉयल बुलेटिन के प्रिंट संस्करण का सफल विस्तार किया। समय के साथ बदलते मीडिया परिदृश्य को समझते हुए, उनके नेतृत्व में यह संस्थान आज एक मजबूत और प्रभावशाली डिजिटल समाचार मंच के रूप में स्थापित हो चुका है।
वर्तमान में रॉयल बुलेटिन की पहुँच न्यूज़ पोर्टल, फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप सहित सभी प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर करोड़ों पाठकों तक है। प्रिंट और डिजिटल मीडिया के स्वामी एवं संपादक के रूप में अनुभव, सत्यनिष्ठा और जन-सरोकार उनकी पत्रकारिता की मूल आधारशिला रहे हैं।

टिप्पणियां