ऐसे निकालें समय फुरसत का
एक गृहिणी के लिए यह बताना मुश्किल है कि कब उसकी सुबह हुई और कब शाम। वह अपने पति और बच्चों के लिए ही जीती है और अपने लिए जीना भूल जाती है जिससे वह नये जमाने के साथ चलने की बजाय पिछडऩे लगती है। उसकी जिन्दगी में काम, काम और सिर्फ काम ही रह […]
एक गृहिणी के लिए यह बताना मुश्किल है कि कब उसकी सुबह हुई और कब शाम। वह अपने पति और बच्चों के लिए ही जीती है और अपने लिए जीना भूल जाती है जिससे वह नये जमाने के साथ चलने की बजाय पिछडऩे लगती है। उसकी जिन्दगी में काम, काम और सिर्फ काम ही रह जाता है। ये काम उसका पूरा दिन ले लेते हैं लेकिन निपटने का नाम नहीं लेते। कैसे करें अपना काम कि उसमें से फुरसत के क्षण भी निकल आयें।
गृहस्थी है तो काम भी लगे ही रहते हैं। सुबह के चाय-नाश्ते से लेकर रात के डिनर तक क्या कुछ नहीं करना पड़ता। पहले चाय-नाश्ता, फिर झाडू, पोंछा, कपड़े धोना, खाना बनाना, बरतन साफ करना, शाम की चाय, रात का खाना और फिर बरतन।
थोड़ा बहुत समय बीच में निकला तो कपड़ों पर प्रेस, फर्नीचर की सफाई, बाजार से राशन लाना आदि कामों में यह वक्त भी खप जाता है। पता ही नहीं चलता कि कब दिन हुआ और कब रात हो गई। ऐसे में फुरसत के पल निकालने के लिए अपने काम और समय के बीच सही संतुलन बनायें।
इससे काम समय पर निपट जायेगा और आप अपने लिए कुछ समय निकाल पायेंगी।
सबसे पहले सुबह उठ कर चाय बनाते हुए अपने दिमाग में पूरे दिन के कार्यों की योजना बना लें कि आज क्या, कब करना है लेकिन इस चक्कर में सुबह के काम में हड़बड़ाहट न करें।
दोपहर का खाना, शाम का खाना, बाजार में जाना है तो सामान की सूची भी बना लें। एक समय में खाने में दो-चार सब्जियां बनाने से बचें। एक ही सब्जी एक समय के खाने में बनायें। यह भी पहले ही सोच लें कि क्या, कितना बनाना है? महीने में एक बार राशन ले आया करें। शाक-सब्जी भी चार-पांच दिन के लिए ले आएं, इससे समय की बचत होगी और पैसे भी बचेंगे।
अपने कामों को अपना समझकर सारा भार अपने ऊपर ही न लें। घर का काम परिवार के अन्य सदस्यों में भी बांट दें। पति और बच्चों पर भी घर के काम की जिम्मेदारियां सौंप दें। बाजार से सामान लाना, कपड़ों पर प्रेस करना आदि काम परिवार के सदस्यों को सौंप दें। छुट्टी के दिन सबको अलग-अलग काम बांट दें। बच्चों को काम देने से वे कुछ करना सीखेंगे और आत्मनिर्भर बनना सीखेंगे। इससे आपको भी राहत मिलेगी और काम का बोझ भी कम होगा।
घर की आर्थिक स्थिति ठीक हो तो कुछ काम करने के लिए नौकरानी भी लगवा सकती हैं। झाडू-पोंछा, बरतन आदि का काम वह भी कर सकती है। इससे आपका काम कम होगा। उसके आने से पहले सुबह अपना काम जरूर निपटा लें ताकि उसके जाने पर आपका काम फैला न रहे। कपड़ों को धुलाई के लिए धोबी को दे सकती हैं। प्रेस कराने के लिए चाहें तो दुकान पर दे दें।
आजकल घरेलू कामों में गृहिणी की मदद करने के लिए विभिन्न प्रकार के उपकरण बाजार में मौजूद हैं। घर में पड़े उपकरणों का इस्तेमाल अवश्य करें। जरूरी उपकरणों को खरीद लें। कपड़े वाशिंग मशीन में धोने सुखाने से आपका यह काम भी मिनटों में हो जायेगा। मिर्च-मसाले कूटने, चटनी आदि बनाने के लिए मिक्सी का प्रयोग करें। इससे काम भी जल्दी हो जायेगा और थकान भी नहीं होगी। इसी तरह अन्य उपकरणों को घरेलू कार्यों में प्रयोग करके अपना काम जल्दी निबटा सकती हैं।
यदि घर में कोई प्रोग्राम या बर्थ-डे पार्टी हो तो उसकी जिम्मेदारी का पूरा बोझ अपने सिर पर न लें। पति और बच्चों को भी इसका काम सौंप दें। उन्हें सरप्राइज पार्टी देने के चक्कर में अपने ऊपर अधिक बोझ न डाल लें। आपकी जितनी क्षमता
है, उसी के अनुसार काम करें। चाहें तो उसकी तैयारी कई दिन पहले से कर सकती हैं।
दिन में थोड़ी देर ही सही, अपनी पसंद का कुछ भी करें। मैगजीन पढ़ें या रचनात्मक कार्य करें। जो कुछ भी करें, इस तरह करें कि वह आपको अतिरिक्त थकान न दे। इस तरह मैनेज करके चलें कि अपने लिए भी जी सकें।
– शिखा चौधरी
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