क्या 100 और 500 रुपये के नए नोट आने वाले हैं ? जानिए पुराने नोटों का क्या होगा और क्या है आरबीआई का असली प्लान
मुंबई। सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों से 100 और 500 रुपये के नोटों को लेकर तरह-तरह की खबरें वायरल हो रही हैं। सबसे बड़ा सवाल जो आम जनता के मन में है, वह यह कि— "क्या 500 के नोट बंद होने वाले है ?, 100 और 500 के नए नोट आ रहे हैं और अगर ऐसा है, तो हमारे पास रखे पुराने नोटों का क्या होगा?" भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और पीआईबी फैक्ट चेक (PIB Fact Check) ने इन सभी सवालों पर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है।
पुराने नोटों का क्या होगा?
आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में चल रहे 100 और 500 रुपये के सभी नोट (महात्मा गांधी नई सीरीज) पूरी तरह वैध (Legal Tender) बने रहेंगे। अफवाहों के विपरीत, पुराने नोटों को बंद करने या चलन से बाहर करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। नए फीचर्स वाले नोट जब बाजार में आएंगे, तो वे पुराने नोटों के साथ ही समांतर रूप से चलेंगे। यानी, आपको अपने पास रखे नोट बदलवाने के लिए बैंक भागने की कोई जरूरत नहीं है।
नए नोटों में क्या खास होगा?
आरबीआई समय-समय पर मुद्रा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए नए फीचर्स जोड़ता है। 2026 के लिए प्रस्तावित अपडेट्स में निम्नलिखित बदलाव देखने को मिल सकते हैं:
-
सुरक्षा धागा (Security Thread): नए नोटों में सुरक्षा धागा और अधिक हाई-टेक होगा, जिसका रंग बदलने का फीचर (हरा से नीला) और भी स्पष्ट होगा।
-
बेहतर छपाई (Intaglio Printing): दृष्टिबाधित लोगों की सुविधा के लिए उभरी हुई छपाई को और अधिक सटीक बनाया जाएगा ताकि नोट को छूकर पहचानना आसान हो।
-
टिकाऊपन: नोटों की स्याही और कागज की गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है ताकि वे लंबे समय तक खराब न हों और गंदे न दिखें।
अफवाहों पर न दें ध्यान
सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि मार्च 2026 तक 500 रुपये के नोट एटीएम से निकलने बंद हो जाएंगे। पीआईबी फैक्ट चेक ने इस दावे को पूरी तरह झूठा और भ्रामक बताया है। सरकार का फिलहाल 500 रुपये के नोटों को हटाने का कोई इरादा नहीं है, क्योंकि यह नोट भारतीय अर्थव्यवस्था और दैनिक लेन-देन की रीढ़ है।
सावधानी: किसी भी अपुष्ट वीडियो या मैसेज को फॉरवर्ड करने से बचें। मुद्रा संबंधी किसी भी आधिकारिक जानकारी के लिए केवल आरबीआई की वेबसाइट rbi.org.in पर ही भरोसा करें।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
यह 'रॉयल बुलेटिन' न्यूज़ नेटवर्क का आधिकारिक संपादकीय डेस्क (Editorial Desk) है। यहाँ से मुज़फ्फरनगर, नोएडा और देशभर के हमारे विस्तृत रिपोर्टिंग नेटवर्क से प्राप्त समाचारों को प्रमाणित और संपादित करने के बाद पाठकों तक पहुँचाया जाता है। हमारी डेस्क टीम 24x7 सक्रिय रहती है ताकि आप तक सबसे सटीक, विश्वसनीय और निष्पक्ष खबरें बिना किसी देरी के पहुँच सकें। न्यूज़ रूम से संबंधित सूचनाओं और प्रेस विज्ञप्ति के लिए आप हमें news@royalbulletin.in पर संपर्क कर सकते हैं।

टिप्पणियां