शामली में बाल विवाह रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, धर्मगुरु और सेवा प्रदाता हुए शामिल
शामली। भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित “बाल विवाह मुक्त भारत” विशेष राष्ट्रीय अभियान के तहत जनपद शामली में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी शामली अरविंद कुमार चौहान के निर्देशानुसार 15 जनवरी 2026 को थाना कांधला परिसर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि जनपद शामली में “बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान 27 नवंबर 2025 से 8 मार्च 2026 तक संचालित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से समाप्त करना है।
महिला कल्याण विभाग से उपस्थित लोकेश कुमार और रतन सिंह ने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका और 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह से बच्चों के शारीरिक, मानसिक, शैक्षिक और सामाजिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बाल विवाह करने, कराने या इसमें किसी भी प्रकार से सहयोग करने पर दो वर्ष तक का कठोर कारावास या एक लाख रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। इसके साथ ही विवाह में शामिल सभी लोग—जैसे बराती, मौलवी या पंडित, फोटोग्राफर, टैंट, कैटरिंग और बैंड पार्टी संचालक—भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आएंगे और उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जा सकती है।
कार्यक्रम में यह भी जानकारी दी गई कि जनपद में जिला प्रोबेशन अधिकारी को जिला बाल विवाह निषेध अधिकारी नामित किया गया है, जिनके माध्यम से बाल विवाह की रोकथाम के लिए वैधानिक कार्रवाई की जाती है।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 से जुड़े लोकेश कुमार ने मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, स्पॉन्सरशिप योजना और पति की मृत्यु उपरांत निराश्रित महिला पेंशन योजना जैसी सरकारी योजनाओं की पात्रता और लाभों की जानकारी दी।
अधिकारियों ने आमजन से अपील की कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना या आशंका हो, तो तत्काल पुलिस थाना, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस आपात सेवा 112 या महिला हेल्पलाइन 181 पर सूचना दें, ताकि समय रहते बाल विवाह को रोका जा सके।
कार्यक्रम के अंत में थाना प्रभारी सतीश कुमार, उप निरीक्षक राजीव कुमार, हेड कांस्टेबल मिथलेश और पिंकी, धर्मगुरु मोहतमिम मुमतियाज, अखिल व्यापार संगठन के पदाधिकारी ईश्वर दयाल कंचन, पंडित अरुण शर्मा सहित सभी उपस्थित लोगों को बाल विवाह न करने और समाज में इसके विरुद्ध जागरूकता फैलाने की शपथ दिलाई गई।
