शिखर धवन की बड़ी जीत: कोर्ट ने पूर्व पत्नी को ₹5.72 करोड़ लौटाने का दिया आदेश
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट ने क्रिकेटर शिखर धवन को पारिवारिक मामले में बड़ी राहत दी है। पटियाला हाउस कोर्ट में फैमिली कोर्ट के जज देवेंदर कुमार गर्ग ने शिखर धवन की पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी को 5.72 करोड़ रुपये वापस करने का आदेश दिया है। यह मामला ऑस्ट्रेलिया की एक संपत्ति को बेचने के बाद वहां की कोर्ट के संपत्ति सेटलमेंट से जुड़ा है।
पटियाला हाउस कोर्ट ने साफ कहा कि ये भारतीय कानून के तहत अमान्य है और ऐसी व्यवस्था भारतीय वैवाहिक कानूनों में मान्य नहीं है। दरअसल, शिखर धवन की पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हैं। आयशा ने संपत्ति के सेटलमेंट के लिए वहां की कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। पटियाला हाउस कोर्ट ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट को शिखर धवन और उनकी पत्नी के बीच के वैवाहिक विवाद को सुनने का क्षेत्राधिकार नहीं है। कोर्ट ने आयशा मुखर्जी को ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट की ओर से 2 फरवरी, 2024 को दिए गए फैसले पर आगे कोई कार्रवाई करने पर भी रोक लगाने का आदेश दिया।
ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट ने अपने आदेश में शिखर धवन और आयशा मुखर्जी के बीच दुनिया भर में उनकी संपत्तियों का बंटवारा कर दिया। इन संपत्तियों में शिखर धवन की भारत की संपत्तियां भी शामिल हैं। क्रिकेटर शिखर धवन और आयशा मुखर्जी की शादी 2021 में हुई थी। धवन के मुताबिक शादी के तुरंत बाद ही आयशा उन्हें धमकी देने लगी कि वो उनके खिलाफ झूठे और अपमानजनक आरोप लगाकर उनका क्रिकेट करियर खराब कर देगी। शिखर धवन ने कोर्ट में कहा कि उन्होंने भारत में अपने पैसे से संपत्ति खरीदी लेकिन आयशा ने उन संपत्तियों को अपने नाम रजिस्टर करने के लिए मजबूर किया। शिखर धवन की ओर से कहा गया कि ऑस्ट्रेलियाई कोर्ट ने बंटवारे का आदेश दिया था, वो हिन्दू विवाह अधिनियम और भारतीय कानूनों का उल्लंघन है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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