शेरवा के शुभम सिंह चंदेल ने यूपीएससी में हासिल की 378वीं रैंक, क्षेत्र में खुशी की लहर
जौनपुर। यूपी के जौनपुर स्थित शेरवा/कलवारी (धोबहा) गांव के रहने वाले शुभम सिंह के घर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा के परिणाम शुक्रवार को घोषित होते ही शेरवा और कलवारी (धोबहा) क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। क्षेत्र के होनहार युवक शुभम सिंह चंदेल ने कड़ी मेहनत और अटूट संकल्प के दम पर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में 378वीं रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से परिवार और ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है।शुभम सिंह चंदेल, दीनानाथ सिंह (छेदी) के पुत्र हैं। साधारण परिवार से आने वाले शुभम ने अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है।
उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में यह सफलता पांचवें प्रयास में प्राप्त की है। शुरुआती चार प्रयासों में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार तैयारी करते रहे। अंततः उनके धैर्य और मेहनत का फल उन्हें इस सफलता के रूप में मिला।शुभम की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी काफी मजबूत रही है। उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की शिक्षा सेंट पैट्रिक्स स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी धनबाद से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की।
ये भी पढ़ें मिडिल ईस्ट संकट से शेयर बाजार में हड़कंप: सेंसेक्स-निफ्टी 3% लुढ़के, निवेशकों के डूबे अरबों रुपए
इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने समाज के लिए कुछ करने की भावना से सिविल सेवा को अपना लक्ष्य बनाया और इसकी तैयारी के लिए दिल्ली में रहकर कड़ी मेहनत की।जैसे ही शुभम की सफलता की खबर उनके पैतृक गांव कलवारी धोबहा पहुंची, गांव में खुशी का माहौल बन गया। ग्रामीणों और क्षेत्र के लोगों ने इसे पूरे इलाके के लिए गर्व का क्षण बताया। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।ग्रामीणों का कहना है कि शुभम की सफलता यह साबित करती है कि अगर मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत का जज्बा हो तो सीमित संसाधनों के बावजूद भी बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां