लड़का हो या लड़की, देश में बने एक बच्चे का कानून- राकेश टिकैत
बागपत। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने दोघट कस्बे में आयोजित जनसभा में विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर बेबाक बयान दिया। उन्होंने सरकार और अधिकारियों पर सीधे निशाना साधते हुए कृषि, जनसंख्या नियंत्रण, विश्वविद्यालय नीति और धार्मिक परंपराओं से जुड़े मसलों पर अपनी राय रखी।
प्रयागराज में शंकराचार्य विवाद पर टिकैत ने कहा कि अधिकारियों को शंकराचार्यों को विधिवत स्नान कराना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना स्नान के वापस लौटने पर पाप लगेगा। टिकैत ने यह भी कहा कि यदि कृषि या ऋषि परंपरा के साथ छेड़खानी हुई तो किसान आंदोलन के लिए तैयार रहेगा। उन्होंने अधिकारियों और सरकार से अपील की कि संतों को आपस में लड़ाने का काम न किया जाए।
यूजीसी और मुकदमेबाजी पर चिंता
टिकैत ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के लागू होने पर चिंता जताई। उनके अनुसार, यूजीसी लागू होने से देश में विवाद और मुकदमेबाजी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि समस्या सुलझाने के लिए आपसी समझौता और बातचीत को ही बढ़ावा देना चाहिए।
जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग
देश में तेजी से बढ़ रही जनसंख्या पर चिंता जताते हुए टिकैत ने 'एक संतान योजना' लागू करने और अधिक बच्चे पैदा होने पर सजा का प्रावधान करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जनसंख्या विस्फोट एक गंभीर समस्या है, जिस पर अभी तक पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।
