गोरखपुर के बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी..अब स्मार्ट मीटर का बिल जमा करने के लिए दफ्तर जाने की जरूरत नहीं..!
गोरखपुर। गोरखपुर के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। 5 फरवरी 2026 को जारी ताज़ा अपडेट के अनुसार, पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (PuVVNL) ने स्मार्ट मीटर के बिल जमा करने और उनके प्रबंधन के लिए एक नई मोबाइल ऐप आधारित व्यवस्था को अनिवार्य और सुगम बना दिया है।
नई डिजिटल व्यवस्था की मुख्य विशेषताएं
बिजली निगम द्वारा शुरू की गई इस नई पहल से अब 'स्मार्ट' बिजली का अनुभव और भी आसान हो गया है>
ये भी पढ़ें ईरान-इजरायल संघर्ष: रूस का अमेरिका पर बड़ा आरोप, 'ईरान में तख्तापलट करना चाहती है अमेरिकी सरकार'-
UPPCL SMART ऐप: स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए विशेष तौर पर 'UPPCL SMART' ऐप लॉन्च किया गया है। यह ऐप रीयल-टाइम डेटा दिखाता है।
-
रीयल-टाइम मॉनिटरिंग: उपभोक्ता अपने स्मार्टफोन पर यह देख सकते हैं कि उन्होंने कितनी यूनिट बिजली खर्च की है और उनके खाते में कितना बैलेंस बचा है।
-
इंस्टेंट रिचार्ज (Prepaid): यदि आपका मीटर प्रीपेड है, तो आप ऐप के माध्यम से तुरंत रिचार्ज कर सकते हैं। बैलेंस खत्म होने से पहले ऐप नोटिफिकेशन भी भेजेगा।
-
पारदर्शिता: इस ऐप पर पिछले बिलों का रिकॉर्ड और भुगतान की स्थिति भी उपलब्ध है, जिससे बिलिंग में गड़बड़ी की संभावना लगभग खत्म हो गई है।
निगम का विशेष अभियान
गोरखपुर में मुख्य अभियंता वितरण (आशुतोष श्रीवास्तव) के नेतृत्व में बिजली विभाग एक दो सप्ताह का विशेष जागरूकता अभियान (2 फरवरी से 17 फरवरी 2026) चला रहा है> विभाग की टीमें घर-घर जाकर उपभोक्ताओं के मोबाइल में ऐप डाउनलोड करवा रही हैं और उन्हें इस्तेमाल करने का तरीका समझा रही हैं।उपभोक्ताओं से अपना मोबाइल नंबर अपडेट कराने का आग्रह किया जा रहा है ताकि उन्हें समय पर SMS अलर्ट मिल सकें। जिन उपभोक्ताओं का बकाया (Negative Balance) अधिक है, उन्हें आसान किश्तों में भुगतान और डिजिटल माध्यमों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां