मेरठ एआरटीओ ऑफिस में भ्रष्टाचार का बोलबाला, भाकियू तोमर ने खोला मोर्चा, 25 फरवरी को विशाल प्रदर्शन का ऐलान
मेरठ। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने मेरठ एआरटीओ ऑफिस में व्याप्त भ्रष्टाचार और अधिकारियों की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को मेरठ के जिला अध्यक्ष चौधरी इंतजार देशवाल ने अपने आवास पर प्रेस वार्ता कर आगामी 25 फरवरी को एक विशाल धरना प्रदर्शन करने का ऐलान किया है।
यूनियन के पदाधिकारियों ने एआरटीओ कार्यालय पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी कोई किसान या आम व्यक्ति गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने जाता है, तो उनसे सरकारी रसीद की तुलना में लगभग छह गुना अधिक पैसा वसूला जाता है। आरोप है कि कार्यालय में कई निजी लोग सक्रिय हैं जो दलाली कर रहे हैं और काम के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं।
यूनियन ने विशेष रूप से पीटीओ मैडम प्रीति पांडेय पर निशाना साधा है। आरोप लगाया गया है कि वह ओवरलोडिंग वाहनों से छह हजार रुपये प्रति महीना 'एंट्री' के नाम पर लेती हैं और ऐसी गाड़ियों को बिल्कुल नहीं रोका जाता। वहीं, जो गाड़ियां एंट्री नहीं देतीं, उनका भारी चालान काटा जाता है। इसके अतिरिक्त, पेट्रोल पंप और दुकानों पर खड़ी खाली गाड़ियों के चालान करने का भी आरोप लगाया गया है।
ये भी पढ़ें ट्रेड डील पर सियासी भूचाल! 500 बिलियन डॉलर के अनाज आयात पर उठाया रामगोपाल यादव ने बड़ा बयानप्रेस वार्ता में एक और गंभीर मुद्दा उठाया गया कि पीटीओ मैडम जिन गाड़ियों का चालान करती हैं, उनका निजी आदमी गाड़ी का लॉक तोड़कर उसे चलाकर ले जाता है। यूनियन ने सवाल उठाया कि यदि इस दौरान रास्ते में कोई दुर्घटना हो जाए, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
पदाधिकारियों ने मांग की है कि एआरटीओ कार्यालय से दलालों को हटाया जाए और सभी के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित हो। इस प्रेस वार्ता में अकील राणा, अमित चौधरी, अब्दुल कलाम, जमीर चौधरी, अमरपाल सिंह ग्रेवाल, कृष्ण कुमार, मोनू बठला, जसप्रीत सिंह, फैय्याज भाई और अभिषेक चौधरी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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