मेरठ में अंतर्धार्मिक विवाह पर रार: महापंचायत के ऐलान के बाद हिंदूवादी नेता 'हाउस अरेस्ट'
मेरठ । जनपद की एक पॉश सोसाइटी में रहने वाली बैंक मैनेजर आकांक्षा गौतम और निजी अस्पताल के मैनेजर शाहवेज राना की शादी को लेकर मेरठ में भारी बवाल खड़ा हो गया है। हिंदूवादी संगठनों द्वारा इसे 'लव जिहाद' करार देते हुए महापंचायत बुलाने के बाद पुलिस-प्रशासन हाई अलर्ट पर है। एहतियातन गाजियाबाद में हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी को हाउस अरेस्ट कर लिया गया है, वहीं यति नरसिंहानंद गिरी को भी निगरानी में रखा गया है। विवाद और सुरक्षा कारणों के चलते दोनों परिवारों ने फिलहाल शादी का कार्यक्रम रद्द कर दिया है।
स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत की थी कानूनी तैयारी
पढ़े-लिखे परिवारों से ताल्लुक रखने वाले आकांक्षा और शाहवेज ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए शादी की तैयारी की थी। उन्होंने 17 नवंबर 2025 को स्पेशल मैरिज एक्ट 1954 के तहत सिविल मैरिज के लिए आवेदन किया था। जनवरी 2026 में एलआईयू (LIU) की जांच और एडीएम सिटी ऑफिस से मंजूरी मिलने के बाद ही शादी की तारीख तय हुई थी। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से जान-पहचान है और युवती के अनुसार यह रिश्ता आपसी सहमति से तय हुआ था।
आकांक्षा का दोटूक जवाब: 'मैं सनातनी नहीं, अंबेडकरवादी हूं'
विवाद के बीच युवती आकांक्षा ने खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, "मैं बालिग हूं और अपनी मर्जी से फैसला ले सकती हूं। मैं बौद्ध धर्म मानती हूं और यह शादी बौद्ध रीति-रिवाज से होनी थी। लड़के के परिवार को मेरी मां और पिता (स्वर्गीय) लंबे समय से जानते थे।" आकांक्षा ने आरोप लगाया कि कुछ संगठन जबरन बैंक्वेट हॉल की बुकिंग रद्द करने का दबाव बना रहे हैं और उनके निजी जीवन में हस्तक्षेप कर रहे हैं।
चाचा के आरोप और पुलिस की एफआईआर
इस मामले में मोड़ तब आया जब युवती के चाचा ने लव जिहाद, धर्मांतरण और संपत्ति हड़पने की साजिश का आरोप लगाते हुए तहरीर दी, जिस पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है। हिंदूवादी नेता सचिन सिरोही का कहना है कि यह महापंचायत हिंदू बेटियों की सुरक्षा के लिए बुलाई गई है। दूसरी ओर, आकांक्षा ने स्पष्ट किया है कि वह अपने फैसले पर अडिग हैं और चाचा द्वारा दर्ज कराई गई 'फर्जी' एफआईआर के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगी।
भारी पुलिस बल तैनात
महापंचायत की घोषणा के बाद मेरठ और गाजियाबाद पुलिस सतर्क है। मेरठ में बैंक्वेट हॉल और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। फिलहाल, शादी रुकने के बावजूद वैचारिक और कानूनी जंग जारी है।
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