जनप्रतिनिधि और प्रशासन मिलकर दबा रहे जनता की आवाज, जेल का डर दिखाना संभव नहीं: विजय राघव
मेरठ। सेंट्रल मार्केट के पीड़ित व्यापारियों और किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलनरत गुरुकुल फाउंडेशन के पदाधिकारी विजय राघव ने सत्ता पक्ष के कुछ जनप्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतवर जनप्रतिनिधि अपनी शक्ति का दुरुपयोग कर किसान, मजदूर और छोटे व्यापारियों की आवाज को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं।
जेल का डर दिखाकर नहीं बुझेगी क्रांति की मशाल
विजय राघव ने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह से कुछ रसूखदार जनप्रतिनिधियों के दबाव में काम कर रहा है। समाज की आवाज उठाने वाले आंदोलनकारियों को जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने तीखा प्रहार करते हुए कहा, "यह देश क्रांतिकारियों का रहा है। क्रांति की मशाल को जेल का डर दिखाकर न अंग्रेज बुझा पाए थे और न ही आज के सत्ताधारी बुझा पाएंगे।" उन्होंने बताया कि सेंट्रल मार्केट के व्यापारियों के हक में आवाज उठाने पर उन्हें जेल भेजा गया, लेकिन अब व्यापारी और महिलाएं भी जेल जाने को तैयार हैं।
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आंदोलनकारियों का आरोप है कि भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूरन सिंह पर भी फर्जी मुकदमे दर्ज किए गए हैं। विजय राघव ने बताया कि रात के 2:00 बजे पुलिस ने बल प्रयोग कर शांतिपूर्वक चल रहे धरने को जबरन समाप्त कराया और टेंट तक उखाड़ दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी कार्रवाइयों से जनता का आक्रोश कम होने के बजाय और अधिक बढ़ेगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे जनप्रतिनिधियों को चिन्हित किया जाए जो सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं।
विपक्ष से मिला आश्वासन, लखनऊ में हुई मुलाकात
मामले में राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। हाल ही में पीड़ित व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल विधायक अतुल प्रधान के नेतृत्व में लखनऊ जाकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिला। विजय राघव ने बताया कि अखिलेश यादव ने आश्वासन दिया है कि उनकी सरकार आने पर समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा और वे इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाएंगे। उन्होंने सरकार और विपक्ष दोनों से आग्रह किया कि इस मामले को वोट बैंक की राजनीति से ऊपर उठकर सामूहिक जिम्मेदारी के साथ सुलझाया जाए।
सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई की तैयारी
विजय राघव ने स्पष्ट किया कि आवास विकास विभाग को जो नोटिस दिए गए हैं, विभाग उन्हें अपनी रिपोर्ट में शामिल कर माननीय सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करे। उन्होंने कहा कि जैसे ही विभाग की रिपोर्ट कोर्ट में जाएगी, उसी के आधार पर गुरुकुल फाउंडेशन की ओर से साक्ष्यों के साथ सुप्रीम कोर्ट में रिट पिटीशन दाखिल की जाएगी।
इस दौरान अंशुल तोमर, सुदीप जैन, संजय पुंडीर, ओंकार सिंह, चंदन सिंह पटवाल, सुभाष तोमर और सतीश भाई सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
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