महंगाई, एलपीजी संकट और टेलीकॉम नियमों पर संसद में विपक्ष का हंगामा, सरकार से मांगा जवाब
नई दिल्ली। संसद के मौजूदा सत्र के दौरान महंगाई, एलपीजी गैस की कमी, हवाई किराए में बढ़ोतरी और टेलीकॉम कंपनियों की नीतियों को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरा। विपक्ष के सांसदों ने इन मुद्दों को जनता से जुड़ा बताते हुए सरकार से जवाब देने की मांग की। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में लगभग हर जरूरी चीज के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम जनता पर भारी बोझ पड़ा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि एलपीजी की कीमतें और उससे जुड़ी समस्याएं भी सरकार की नीतियों का परिणाम हैं। अगर संसद में इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा होती, तो विपक्ष जनता की परेशानियों को बेहतर तरीके से उठा सकता था।
ये भी पढ़ें पार्षद के भाई का 'हर्ष फायरिंग' वीडियो वायरल: हाथ में कट्टा लेकर दागी गोलियां, जांच में जुटी पुलिसइसीलिए वे सदन में चर्चा नहीं कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने एलपीजी गैस सिलेंडरों की उपलब्धता को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कमर्शियल उपयोग के लिए एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई न करें। उनके अनुसार देश में हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं और सरकार लोगों को सही जानकारी देने के बजाय गुमराह कर रही है। कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने भी सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा कई वर्षों से संसद में उठाया जा रहा है और संबंधित मंत्रियों से बार-बार कार्रवाई की मांग की गई है, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि देश में गैर-कानूनी मुनाफाखोरी हो रही है और हवाई किराए इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि आम लोगों के लिए हवाई यात्रा करना लगभग असंभव हो गया है। मिडिल ईस्ट और वेस्ट एशिया में फंसे भारतीयों के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है? कांग्रेस सांसद जोतिमणि ने कहा कि देश में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी से छोटे व्यापारियों पर गंभीर असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में छोटी दुकानों को बंद करना पड़ रहा है।
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यहां तक कि चाय की छोटी दुकानों पर भी इसका असर पड़ रहा है, जिनसे हजारों लोगों की रोजी-रोटी चलती है। सरकार बार-बार गलत जानकारी देकर स्थिति को छिपाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमन सिंह ने भी सरकार से तैयारियों के बारे में सवाल किया। उन्होंने कहा कि यह समस्या अभी शुरुआत है और यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो इसका असर अन्य क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि संसद सत्र के दौरान सरकार सदन में आकर स्पष्ट जवाब दे। वहीं आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने टेलीकॉम उपभोक्ताओं से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज की वैधता समाप्त होने पर आउटगोइंग कॉल बंद होना समझ में आता है, लेकिन इनकमिंग कॉल भी बंद कर देना अनुचित है। उन्होंने इसे टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी बताते हुए मांग की कि कम से कम एक साल तक इनकमिंग कॉल चालू रहनी चाहिए, ताकि आम लोगों का संचार का अधिकार प्रभावित न हो।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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