मेरठ में बेदखली के आदेश को ठेंगा दिखा रहे भू-माफिया, सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा बरकरार
मेरठ। तहसील मवाना के ग्राम नंगला सलेमपुर में सरकारी जमीन पर भू-माफियाओं के अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा है। तहसीलदार कोर्ट द्वारा बेदखली का अंतिम आदेश जारी किए जाने के महीनों बाद भी प्रशासन द्वारा जमीन खाली न कराए जाने से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को कमिश्नरी चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की खसरा संख्या 80 जो गोहरा के लिए सुरक्षित है और खसरा संख्या 70 जो खाद के गड्ढों के लिए आवंटित है, उस पर दबंगों ने अवैध रूप से कब्जा जमा रखा है। लगभग 5950 मीटर की इस बेशकीमती सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए तहसीलदार कोर्ट ने 28 जुलाई 2023 को ही धारा 67 के तहत बेदखली का अंतिम आदेश पारित कर दिया था। इसके बावजूद स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों की शिथिलता के चलते अब तक मौके पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने तकनीकी तथ्यों को उजागर करते हुए बताया कि राजस्व मानचित्र यानी सिजरे के अनुसार संबंधित भूखंड की लंबाई 120 मीटर होनी चाहिए, लेकिन दबंगों ने सिजरे की सीमाओं को लांघकर 130 मीटर तक घेरा हुआ है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि एक विशेष राजस्व टीम गठित कर सिजरा शीट के अनुसार जमीन की पैमाइश कराई जाए और कोर्ट के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए सार्वजनिक उपयोग की इस भूमि को तुरंत खाली कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
रविता ढांगे 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और डिजिटल न्यूज़ डेस्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने अपने पेशेवर करियर की शुरुआत 'समाचार टुडे' से की थी, जहाँ उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों और न्यूज़ ऑपरेशन्स के बुनियादी सिद्धांतों को सीखा।
रविता ढांगे की सबसे बड़ी विशेषता उनकी मजबूत तकनीकी पृष्ठभूमि है; उन्होंने BCA, PGDCA और MCA (Master of Computer Applications) जैसी उच्च डिग्रियां प्राप्त की हैं। उनकी यह तकनीकी विशेषज्ञता ही 'रॉयल बुलेटिन' को डिजिटल रूप से सशक्त बनाती है। वर्ष 2022 से संस्थान का अभिन्न हिस्सा रहते हुए, वे न केवल खबरों के संपादन में निपुण हैं, बल्कि न्यूज़ एल्गोरिदम और डेटा मैनेजमेंट के जरिए खबरों को सही दर्शकों तक पहुँचाने में भी माहिर हैं। वे पत्रकारिता और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) के बेहतरीन संगम का प्रतिनिधित्व करती हैं, जिससे पोर्टल की डिजिटल रीच और विश्वसनीयता में निरंतर वृद्धि हो रही है।

टिप्पणियां