देश के कई शहरों में एलपीजी सप्लाई प्रभावित, कारोबारियों और होटल मालिकों की बढ़ी चिंता
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी संघर्ष का असर अब भारत में एलपीजी गैस की सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है। देश के कई शहरों से गैस की उपलब्धता और कीमतों को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कर्नाटक के बेलगावी में भारत गैस के डिस्ट्रीब्यूटर ग्रीश साव्वाश्वरी ने बताया कि मौजूदा युद्ध की वजह से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई पर सीधा असर पड़ा है। उन्होंने आईएएनएस से कहा, "अभी चल रहे युद्ध के कारण कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। लगभग 90 प्रतिशत कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुक गई है।
अगर यह स्थिति अगले चार दिनों तक जारी रहती है, तो पूरी तरह से गैस की कमी हो सकती है।" वहीं पंजाब के जालंधर में एचपी गैस सप्लायर और एजेंसी मालिक जर्नैल सिंह रंधावा ने बताया कि कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा, "घरेलू सिलेंडर की कीमत भी 60 रुपए बढ़ गई है। वहीं कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 114 रुपए बढ़ी है। अभी सिलेंडरों की मांग काफी ज्यादा है और ग्राहकों को चिंता है कि कहीं गैस खत्म न हो जाए, लेकिन सप्लाई की तरफ से फिलहाल कोई कमी नहीं है।" गुजरात के अहमदाबाद में व्यापारी नरेंद्र सोमानी ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार तक अपनी बात पहुंचाई है। उन्होंने बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को इस समस्या के बारे में पत्र लिखा है।
साथ ही गुजरात के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग मंत्री सोलंकी रमणभाई को भी पत्र भेजा गया है। नरेंद्र सोमानी ने कहा, "हमने यह पत्र भेजा है ताकि सरकार इस समस्या पर ध्यान दे सके। फिलहाल गुजरात में स्थिति बहुत गंभीर नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे समस्या बढ़ती जा रही है।" इसी बीच, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक रेस्टोरेंट मालिक ने बताया कि गैस की कमी से कारोबार चलाना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, "अभी हमारे पास कुल आठ सिलेंडर थे, जिनमें से सात एक ही दिन में खत्म हो गए। जो एक सिलेंडर आधा भरा था, उसमें अब सिर्फ एक-तिहाई गैस बची है और मुझे लगता है कि वह भी खत्म हो जाएगी। उसके बाद क्या होगा, हमें नहीं पता।"
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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