फाल्गुन अमावस्या 2026: पितरों को प्रसन्न करने और पितृ दोष मुक्ति के लिए शुभ उपाय
मेरठ। अमावस्या को पितरों की पूजा और तर्पण के लिए बेहद शुभ माना गया है। पंडित शिवकुमार शर्मा के अनुसार फाल्गुन अमावस्या का पितरों को प्रसन्न करने के लिए धार्मिक महत्व और अधिक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन पितरों को याद कर श्रद्धा से किए कर्म व्यक्ति के जीवन से परेशानियों को दूर करते हैं। माना जाता है कि इस दिन कुछ खास उपाय करने से पितृ दोष दूर हो सकता है।
अमावस्या तिथि का इस बार 17 फरवरी को पड़ रही है। फाल्गुन अमावस्या बेहद खास है। यह दिन पितरों की शांति और आशीर्वाद प्राप्त करने का है। इसमें पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने की परंपरा है। साल 2026 में फाल्गुन अमावस्या 17 फरवरी को है। कुंडली में पितृ दोष है या जीवन में बेवजह की बाधाएं आ रही हैं, तो इस दिन किए गए उपायों से अपने पूर्वजों को प्रसन्न कर सकते हैं।
पितृ दोष मुक्ति के लिए करें ये उपाय
अमावस्या के दिन कुछ उपायों के करने से पितृ दोष शांत होता है। इससे सुख-समृद्धि आती है।
स्नान और तर्पण
फाल्गुन अमावस्या पर गंगा में स्नान करना पुण्यदायी माना है। स्नान के बाद पितृ के नाम से तर्पण करें। हाथ में काले तिल, कुश और जल लेकर पितरों का ध्यान करते हुए जल अर्पित करें। इससे पितरों की प्यास बुझती है और वे तृप्त होकर आशीर्वाद देते हैं।
दान-पुण्य का महत्व
शास्त्रों में कहा है कि अमावस्या को किया दान सीधे पितरों को प्राप्त होता है। इस दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीब या जरूरतमंद ब्राह्मण को अन्न, काले तिल, गर्म कपड़े या गुड़ का दान करें। इस दिन गाय, कुत्ते और कौवे को भोजन खिलाना भी पितृ दोष से मुक्ति का अचूक उपाय है।
पीपल की पूजा और दीपदान
पीपल में पितरों का वास माना गया है। फाल्गुन अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और कच्चा दूध मिश्रित जल अर्पित करें। पेड़ की 7 परिक्रमा करने से पितरों का कष्ट दूर होता है और परिवार पर आने वाली विपत्तियां टल जाती हैं।
अमावस्या का धार्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या पितरों को समर्पित होती है। इस दिन पितर पृथ्वी पर अपने वंशजों के पास आते हैं और उनके द्वारा किए तर्पण और दान को स्वीकार करते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष होता है। उन्हें जीवन में बार-बार बाधाओं, आर्थिक और पारिवारिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में फाल्गुन अमावस्या के दिन किए गए उपाय शुभ माने जाते हैं. इसलिए फाल्गुन अमावस्या का दिन पितरों को प्रसन्न करने और पितरों की कृपा पाने के लिए उत्तम माना जाता है।
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