जावेद हबीब और बेटे की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट की रोक, 7 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में मिली राहत

प्रयागराज/संभल: सेलिब्रिटी हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब और उनके बेटे अनोश हबीब को करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़े मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने पिता-पुत्र की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है और चार्जशीट दाखिल होने तक उन्हें सुरक्षा प्रदान की है।
जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अचल सचदेव की डिवीजन बेंच ने सोमवार को यह आदेश सुनाया। पिता-पुत्र की ओर से पेश हुए वकीलों ने कोर्ट में दलील दी कि उन पर दर्ज की गई 32 एफआईआर दुर्भावनापूर्ण हैं और उन्हें झूठे आरोपों में फंसाया जा रहा है।
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यह पूरा मामला संभल से जुड़ा है, जहां पिता-पुत्र पर लोगों को 'कॉइन' में निवेश करने पर 70 प्रतिशत तक मुनाफा देने का लालच देकर लगभग 7 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, जावेद हबीब, अनोश हबीब और संभल निवासी सैफुल ने मिलकर FLC (फॉलिकल ग्लोबल कंपनी) नामक एक कंपनी बनाई थी, जिसके जरिए यह कथित फर्जीवाड़ा किया गया।
पीड़ितों का आरोप है कि उन्हें सेमिनार में भारी-भरकम रिटर्न का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में उनके पैसे हड़प लिए गए और उन्हें धमकियां दी गईं।
कोर्ट का अहम फैसला
जावेद हबीब और उनके बेटे ने कुल आठ याचिकाएं दाखिल की थीं, जो अलग-अलग एफआईआर से संबंधित थीं। याचिकाओं की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने यह महत्वपूर्ण आदेश दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि:
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जांच की प्रक्रिया जारी रहेगी।
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जांच पूरी होने और चार्जशीट दाखिल होने तक जावेद हबीब और अनोश हबीब की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी।
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दोनों को इस अवधि में जांच में सहयोग करने और शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए, संभल पुलिस ने पहले ही दोनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया था, ताकि वे देश छोड़कर न जा सकें। पुलिस ने उनके दिल्ली और मुंबई स्थित ठिकानों पर भी नोटिस चस्पा किए हैं।
हाईकोर्ट से मिली इस राहत से फिलहाल पिता-पुत्र को बड़ी फौरी राहत मिली है, लेकिन जांच अभी जारी रहेगी।
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