सहारनपुर: किसान सेना ने पटवारी पर कब्जा रोकने का आरोप लगाकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की
तहसील परिसर में एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए किसान सेना के कार्यकर्ताओं ने बताया कि बलियाखेड़ी बस स्टैंड के पास बडूली रकबे (खाता संख्या 70) में उनकी पुश्तैनी जमीन स्थित है। किसानों का दावा है कि इस जमीन पर उनके बाप-दादाओं के समय से यानी पिछले 80 वर्षों से उनका शांतिपूर्ण कब्जा है और खतौनी में भी उन्हीं का नाम दर्ज है। मामला तब गरमाया जब लगभग एक माह पूर्व किसान अपनी जमीन की चारदीवारी (बाउंड्री वॉल) का निर्माण करा रहे थे। आरोप है कि तभी बडूली पटवारी मौके पर पहुंचीं और काम रुकवा दिया। किसानों का कहना है कि पटवारी ने किसी स्टे का हवाला देते हुए उन्हें काम न करने की चेतावनी दी। जब किसानों ने कहा कि उनकी अपनी निजी और निर्विवाद जमीन है, तो आरोप है कि पटवारी ने उन्हें कानूनी कार्रवाई की धमकी देते हुए काम बंद करा दिया।
किसान सेना (अराजनैतिक) ने प्रशासन से मांग की है कि स्टे की वास्तविकता की जांच की जाए और यदि पटवारी द्वारा गलत तरीके से कार्य रोका गया है, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में मुख्य रूप से डॉ. सखेश शर्मा, डॉ. हर्षित, नावेद अली, जाहिर हसन, नसीर, साहिल, हसीन अहमद, अब्दुल और राजसिंह त्यागी सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल रहे।
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लेखक के बारे में
गौरव सिंघल सहारनपुर के एक अनुभवी और प्रतिष्ठित पत्रकार हैं, जो पिछले 18 वर्षों (2007 से) से मीडिया जगत में सक्रिय हैं। पत्रकारिता की बारीकियां उन्होंने विरासत में अपने पिता के मार्गदर्शन में 'अमर उजाला' और 'हिन्दुस्तान' जैसे संस्थानों से सीखीं।
अपने लंबे करियर में उन्होंने इंडिया टुडे (फोटो जर्नलिस्ट), शुक्रवार, इतवार, दैनिक संवाद और यूपी बुलेटिन जैसे दर्जनों प्रतिष्ठित समाचार पत्रों व पत्रिकाओं में अपनी सेवाएं दीं। लेखनी के साथ-साथ कुशल फोटो जर्नलिस्ट के रूप में भी उनकी विशिष्ट पहचान है।
विभिन्न राष्ट्रीय व क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में अनुभव प्राप्त करने के बाद, वर्तमान में गौरव सिंघल सहारनपुर से 'रॉयल बुलेटिन' के साथ जुड़कर अपनी निष्पक्ष और गहरी रिपोर्टिंग से संस्थान को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

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