सपा, बसपा का हमला, कहा- केंद्रीय बजट गरीबी, महंगाई को बढ़ाने वाला

लखनऊ। केंद्रीय बजट 2023-24 की घोषणाओं को लेकर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा मुखिया मायावती ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि “भाजपा अपने बजट का दशक पूरा कर रही है पर जब जनता को पहले कुछ न दिया तो […]
लखनऊ। केंद्रीय बजट 2023-24 की घोषणाओं को लेकर यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा मुखिया मायावती ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि “भाजपा अपने बजट का दशक पूरा कर रही है पर जब जनता को पहले कुछ न दिया तो अब क्या देगी। भाजपाई बजट महंगाई व बेरोजगारी को और बढ़ाता है। किसान, मजदूर, युवा, महिला, नौकरीपेशा, व्यापारी वर्ग में इससे आशा नहीं निराशा बढ़ती है क्योंकि ये चंद बड़े लोगों को ही लाभ पहुंचाने के लिए बनता है।”
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि “देश में पहले की तरह पिछले 9 वर्षों में भी केन्द्र सरकार के बजट आते-जाते रहे जिसमें घोषणाओं, वादों, दावों व उम्मीदों की बरसात की जाती रही, किन्तु वे सब बेमानी हो गए जब भारत का मिडिल क्लास महंगाई, गरीबी व बेरोजगारी आदि की मार के कारण लोअर मिडिल क्लास बन गया, अति-दुखद।”
ये भी पढ़ें पारकर इंटर कॉलेज में विज्ञान मॉडल प्रतियोगिता, छात्रों ने नवाचार और वैज्ञानिक सोच का किया प्रदर्शनउन्होंने कहा कि इस वर्ष का बजट भी कोई ज्यादा अलग नहीं। पिछले साल की कमियां कोई सरकार नहीं बताती और नए वादों की फिर से झड़ी लगा देती है जबकि जमीनी हकीकत में 100 करोड़ से अधिक जनता का जीवन वैसे ही दांव पर लगा रहता है जैसे पहले था। लोग उम्मीदों के सहारे जीते हैं, लेकिन झूठी उम्मीदें क्यों?
बसपा मुखिया ने कहा कि सरकार की संकीर्ण नीतियों व गलत सोच का सर्वाधिक दुष्प्रभाव उन करोड़ों गरीब किसानों व अन्य मेहनतकश लोगों के जीवन पर पड़ता है जो ग्रामीण भारत से जुड़े हैं और असली भारत कहलाते हैं। सरकार उनके आत्म-सम्मान व आत्मनिर्भरता पर ध्यान दे ताकिआमजन की जेब भरे।
ये भी पढ़ें गोरखपुर: भाजपा नेता राजकुमार चौहान की चाकुओं से गोदकर निर्मम हत्या, चिलुआताल के बरगदवा में सनसनीमायावती ने कहा कि केन्द्र जब भी योजना लाभार्थियों के आंकड़ों की बात करता है तो उसे जरूर याद रखना चाहिए कि भारत लगभग 130 करोड़ गरीबों, मजदूरों, वंचितों, किसानों आदि का विशाल देश है जो अपने अमृतकाल को तरस रहे हैं। उनके लिए बातें ज्यादा हैं। बजट पार्टी से ज्यादा देश के लिए हो तो बेहतर।
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