हरी मिर्च की खेती से लाखों की कमाई जानें उत्पादन तकनीक और मुनाफे का पूरा गणित
अगर आप ऐसी फसल की तलाश में हैं जो कम समय में तैयार हो जाए और बार बार आमदनी दे तो हरी मिर्च आपके लिए सुनहरा अवसर बन सकती है। रसोई में सलाद सब्जी और अचार का स्वाद हरी मिर्च के बिना अधूरा रहता है। यही वजह है कि बाजार में इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है। अच्छी कीमत मिलने पर यह फसल एक सीजन में लाखों रुपये तक की कमाई करा सकती है।
कम समय में तैयार और बार बार तुड़ाई का फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार अगर अक्टूबर में मिर्च की रोपाई की जाए तो करीब साठ से सत्तर दिनों में फसल तुड़ाई के लिए तैयार हो जाती है। एक बार पौधे लगाने के बाद आठ से दस बार तक तुड़ाई की जा सकती है। इसका मतलब है कि एक ही फसल से कई महीनों तक लगातार नकदी मिलती रहती है। यह विशेषता हरी मिर्च को नकदी फसल के रूप में बेहद मजबूत बनाती है।
खेत की तैयारी और खाद प्रबंधन से बढ़ेगा उत्पादन
अच्छी पैदावार के लिए खेत की गहरी जुताई बहुत जरूरी है। अंतिम जुताई के समय बीस से पच्चीस टन प्रति हेक्टेयर सड़ी हुई गोबर की खाद मिट्टी में मिलानी चाहिए। इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और पौधों की जड़ें मजबूत होती हैं।
ये भी पढ़ें लाल गोभी की खेती से 110 दिन में लाखों की कमाई, गर्मी में हाई वैल्यू फसल से किसानों को बड़ा फायदासंतुलित उर्वरक प्रबंधन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रति हेक्टेयर पचास से साठ किलोग्राम नाइट्रोजन साठ से सत्तर किलोग्राम फास्फोरस और साठ किलोग्राम पोटाश देने से पौधों की बढ़वार और फलन बेहतर होता है। पांच से छह सप्ताह पुरानी स्वस्थ पौध का चयन करें। मेड़ बनाकर रोपाई करें और तुरंत हल्की सिंचाई करें ताकि पौधे जल्दी जम सकें।
ये भी पढ़ें आलू के बाद जायद मक्का की खेती से बढ़ाएं मुनाफा जानें सही बुवाई और उत्पादन का वैज्ञानिक तरीकासिंचाई और देखभाल का सही तरीका
मिर्च की फसल में सात से दस दिन के अंतराल पर सिंचाई करना उचित माना जाता है। ध्यान रहे कि खेत में पानी का जमाव न हो क्योंकि अधिक पानी से जड़ें खराब हो सकती हैं। समय पर निराई गुड़ाई और रोग नियंत्रण से उत्पादन में और बढ़ोतरी होती है। नियमित निगरानी से पौधों को स्वस्थ रखा जा सकता है।
उत्पादन और मुनाफे का वास्तविक गणित
हरी मिर्च की फसल से प्रति हेक्टेयर डेढ़ सौ से ढाई सौ क्विंटल तक उत्पादन मिल सकता है। यह पूरी तरह किस्म और देखभाल पर निर्भर करता है। अगर मंडी में अच्छा भाव मिल जाए तो एक सीजन में लाखों रुपये की कमाई संभव है। बार बार तुड़ाई होने से हर महीने नकदी मिलती रहती है जिससे खेती का खर्च निकालना आसान हो जाता है और बचत भी बढ़ती है।
हरी मिर्च की खेती सही तकनीक संतुलित खाद और बाजार से सीधा जुड़ाव होने पर बेहद लाभकारी साबित हो सकती है। मांग लगातार बनी रहने के कारण यह फसल किसानों की आय को स्थिर और मजबूत बना सकती है।
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