गंगा की तराई में प्रशासनिक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, नाव-ट्रैक्टर छोड़ भागे खनन माफिया
मीरजापुर। गोगांव स्थित गंगा की तराई में कछुआ सैंक्चुअरी क्षेत्र रविवार शाम अचानक प्रशासनिक हलचल से गूंज उठा। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देश पर एसडीएम सदर गुलाब चंद्र ने खनन व वन विभाग की संयुक्त टीम के साथ छापेमारी की। टीम के पहुंचते ही अवैध खनन में जुटे माफिया ट्रैक्टर-ट्राली और नावें छोड़कर मौके से फरार हो गए।
छापेमारी में उप प्रभागीय वन अधिकारी शेख मुअज्जम, खनन अधिकारी जितेंद्र सिंह और वन क्षेत्राधिकारी लालगंज कृष्ण कुमार सिंह भी शामिल रहे। अधिकारियों ने गंगा घाटों पर सघन सर्च अभियान चलाया। बालू ढुलाई में लगी दर्जनों नावें किनारे पर लावारिस मिलीं। घाटों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और बालू के बड़े-बड़े डंप देखकर टीम भी दंग रह गई।
ये भी पढ़ें अमेरिका-ईरान तनाव से सोना-चांदी बेकाबू, ₹2.50 लाख के पार पहुंची चांदी, सोने में भी आई तेज़ी एसडीएम सदर ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय से अधिसूचित कछुआ सैंक्चुअरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध रूप से संचालित नावों, ट्रैक्टर-ट्रालियों व अन्य वाहनों को जब्त कर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। सम्बंधित नाविकों व खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।
थाना प्रभारी को खनन माफियाओं की पहचान कर सख्त कार्रवाई करने तथा उप वन क्षेत्राधिकारी मेजा, प्रयागराज को भी त्वरित कदम उठाने को कहा गया है। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन करने वालों में हड़कम्प मच गया है।
रॉयल बुलेटिन से जुड़ें:
देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:
आपको यह खबर कैसी लगी? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में ज़रूर दे। आपकी राय रॉयल बुलेटिन को और बेहतर बनाने में बहुत उपयोगी होगी।
संबंधित खबरें
लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

टिप्पणियां