डिजिटल कौशल से जुड़ने के लिए राष्ट्रीय अभियान शुरू, जयंत चौधरी ने किया शुभारंभ, अमिताभ बच्चन होंगे चेहरा
नई दिल्ली। केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने देश में डिजिटल कौशल को बढ़ावा देने के लिए ‘बढ़ना है तो यहां जुड़ना है’ नाम से राष्ट्रव्यापी जन जागरूकता अभियान शुरू किया। इस अभियान का शुभारंभ इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान किया गया। इसका उद्देश्य स्किल इंडिया डिजिटल हब के माध्यम से युवाओं और नागरिकों को डिजिटल कौशल, रोजगार और आजीवन सीखने के अवसरों से जोड़ना है।
केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि स्किल इंडिया डिजिटल हब देश का एकीकृत डिजिटल कौशल मंच है। इस पर अब तक 1.5 करोड़ से अधिक अभ्यर्थी पंजीकरण करा चुके हैं। यह मंच नागरिकों को कौशल बढ़ाने, नए कौशल सीखने और रोजगार के अवसरों से जुड़ने की सुविधा देगा। इसके लिए बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन को जोड़ा गया है।
इस अवसर पर जयंत चौधरी ने कहा कि भारत की डिजिटल क्षमता को इंडिया स्टैक और स्किल इंडिया डिजिटल हब जैसे मंचों के माध्यम से वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। ये मंच बड़े स्तर पर कौशल विकास और सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने में सहायक बने हैं। उन्होंने कहा कि यह अभियान हर भारतीय को इस डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ने और अपने विकास की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
मंत्रालय के अनुसार स्किल इंडिया डिजिटल हब मोबाइल आधारित और कृत्रिम बुद्धिमत्ता सक्षम मंच है। इसमें विभिन्न सरकारी कौशल योजनाओं को एकीकृत किया गया है। यह मंच उद्योग आधारित पाठ्यक्रम उपलब्ध कराता है। साथ ही अभ्यर्थियों को उनकी रुचि और करियर के अनुसार व्यक्तिगत सुझाव देता है।
ये भी पढ़ें मुजफ्फरनगर में विहान शोरूम मालिक की कोठी के स्विमिंग पूल में मिला चौकीदार का शव, फैली सनसनीइस मंच पर डिजिटल प्रमाणपत्र, क्यूआर कोड आधारित डिजिटल जीवनवृत्त, आधार आधारित ई-केवाईसी पंजीकरण और मोबाइल ओटीपी के माध्यम से लॉगिन की सुविधा उपलब्ध है। यह मंच 21 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। इससे देश के विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को समान अवसर मिल रहे हैं। यह मंच विद्यार्थियों, स्नातकों, नौकरीपेशा लोगों और उद्यमियों सभी के लिए उपयोगी है। इसका उद्देश्य कौशल और रोजगार से जुड़ी सेवाओं को एक मंच पर उपलब्ध कराना है। इससे सूचना, भाषा और पहुंच से जुड़ी बाधाएं दूर हो रही हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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