देवरिया में शिक्षक आत्महत्या मामले में लिपिक निलंबित, तीन सदस्यीय जांच टीम गठित
देवरिया । उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के गौरी बाजार विकास खंड स्थित एक विद्यालय के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए परिजनों की तहरीर पर नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में एक लिपिक को निलंबित कर जिलाधिकारी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी दिव्या मित्तल के निर्देश पर गठित जांच टीम की अध्यक्षता वे स्वयं करेंगे। टीम में एसडीएम सदर और डीआईओएस को सदस्य बनाया गया है। यह टीम पूरे प्रकरण की बिंदुवार जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
उन्होंने बताया कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आरोपित पटल सहायक संजीव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर अनियमितता या दोष पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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