रामपुर: अब गौशालाओं की होगी 24 घंटे 'लाइव' निगरानी, डीएम ने किया अत्याधुनिक सेंट्रलाइज्ड कंट्रोल रूम का शुभारंभ
12 गौ-आश्रय स्थलों के 3026 गौवंश सीसीटीव नेटवर्क से जुड़े; ऑडियो माइक्रोफोन से कर्मचारियों को सीधे निर्देश दे सकेंगे अधिकारी
रामपुर। उत्तर प्रदेश सरकार की प्राथमिकता वाले गौवंश संरक्षण कार्यक्रम को जनपद में और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी तकनीकी पहल की है। विकास भवन में अब एक अत्याधुनिक केंद्रीकृत कंट्रोल रूम (Centralized Control Room) स्थापित किया गया है, जिसका शुभारंभ जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने फीता काटकर किया। इस कंट्रोल रूम के माध्यम से अब जिले के स्थाई और अस्थाई गौ-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं पर विकास भवन से ही 24 घंटे पैनी नजर रखी जा सकेगी।
शुभारंभ के उपरांत जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम में लगी बड़ी स्क्रीनों पर विभिन्न गौशालाओं की लाइव फीड देखी और वहां मौजूद गौवंश के चारे-पानी व साफ-सफाई का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस तकनीक का उद्देश्य केवल देखना नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं में सुधार लाना है। डीएम ने स्पष्ट कहा कि गौवंश के पोषण, स्वास्थ्य या सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित कर्मचारी और अधिकारी के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
ऑडियो माइक्रोफोन से होगा सीधा संवाद
प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी गौ-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ ऑडियो माइक्रोफोन भी लगाए जाएं। इससे कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारी सीधे गौशाला के कर्मचारियों से बात कर सकेंगे और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल दिशा-निर्देश दे सकेंगे। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रति सजग रहें और गौवंश को समय पर चारा-पानी उपलब्ध हो सके।
3026 गौवंश की सुरक्षा के लिए रोस्टर ड्यूटी तैनात
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार ने जानकारी दी कि वर्तमान में जनपद की 12 प्रमुख गौशालाओं को इस नेटवर्क से जोड़ा गया है, जहाँ कुल 3026 गौवंश संरक्षित हैं। कंट्रोल रूम में निगरानी के लिए पशुधन प्रसार अधिकारियों की रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाई गई है। पूरी व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रामलखन को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रशासन की इस पहल को गौवंश संरक्षण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है, जिससे न केवल भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी, बल्कि बेसहारा पशुओं की देखभाल भी बेहतर होगी।
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लेखक के बारे में
अभिषेक भारद्वाज एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 11 वर्षों से मुरादाबाद मंडल की पत्रकारिता का व्यापक अनुभव है। वे मुरादाबाद के प्रतिष्ठित एसएस न्यूज़ चैनल में संपादकीय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर चुके हैं। मुरादाबाद की राजनीतिक, सामाजिक और स्थानीय खबरों पर उनकी गहरी पकड़ है। वर्तमान में वे रॉयल बुलेटिन के मुरादाबाद जिला प्रभारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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