लाल गोभी की खेती से 110 दिन में लाखों की कमाई, गर्मी में हाई वैल्यू फसल से किसानों को बड़ा फायदा
अगर आप किसान हैं और गर्मी के मौसम में ज्यादा मुनाफा कमाने की सोच रहे हैं तो लाल गोभी की खेती आपके लिए एक शानदार मौका बन सकती है। सिर्फ बीज बदलकर आप पारंपरिक सफेद गोभी की जगह लाल गोभी उगाएं और 110 दिन में लाखों रुपये की बिक्री कर सकते हैं। आज के समय में जब सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ते हैं तब समझदारी से चुनी गई फसल आपकी आमदनी को कई गुना बढ़ा सकती है।
क्यों फायदेमंद है लाल गोभी की खेती
मध्य प्रदेश के सागर जिले के किसान अब सफेद गोभी की जगह लाल गोभी उगाकर ज्यादा कमाई कर रहे हैं। खिमलासा के किसान अमित कुमार जैन पिछले पांच साल से लाल गोभी की खेती कर रहे हैं। उनका अनुभव बताता है कि मेहनत समय और लागत लगभग सामान्य गोभी जितनी ही रहती है लेकिन बाजार भाव ज्यादा मिलने से मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है।
लाल गोभी में आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसी वजह से मेट्रो सिटी और बड़े शहरों में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। होटल रेस्टोरेंट और सलाद मार्केट में इसकी खपत ज्यादा है। एक एकड़ में करीब 30 हजार पौधे लगाए जाते हैं और लगभग इतने ही गोभी के फल तैयार होते हैं। फसल करीब 110 दिन में पूरी तरह तैयार हो जाती है।
लागत और संभावित मुनाफा
एक एकड़ में लाल गोभी की खेती करने में लगभग एक लाख रुपये तक की लागत आती है। इसमें ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग का खर्च भी शामिल होता है। अच्छी बात यह है कि अगली बार खेती करने पर 25 से 30 हजार रुपये तक का खर्च कम हो जाता है क्योंकि बुनियादी व्यवस्था पहले से तैयार रहती है।
बाजार में लाल गोभी का औसत भाव 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक मिल जाता है। यदि उत्पादन अच्छा हो और सही समय पर बिक्री की जाए तो एक एकड़ से 3 से 4 लाख रुपये तक की बिक्री संभव है। खर्च निकालने के बाद भी किसान अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं।
बीज और खेती की सही तैयारी
लाल गोभी का बीज सामान्य बाजार में आसानी से नहीं मिलता। इसे दिल्ली के एक्सपोर्टरों के माध्यम से विदेश से मंगवाया जाता है। एक एकड़ में करीब 150 ग्राम बीज की जरूरत होती है जिसकी कीमत लगभग 4 हजार रुपये तक आती है। सबसे पहले नर्सरी तैयार की जाती है। जब पौधे तैयार हो जाते हैं तब उन्हें मल्चिंग शीट पर ट्रांसप्लांट किया जाता है।
गर्मी के मौसम में नेट हाउस में खेती करना ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद माना जाता है। इससे तेज धूप का असर कम होता है और फसल की क्वालिटी बेहतर रहती है। सही सिंचाई और समय पर पोषण देने से उत्पादन भी अच्छा मिलता है।
कम जोखिम ज्यादा फायदा
अगर किसान नई तकनीक अपनाएं और बाजार की मांग के अनुसार फसल उगाएं तो आमदनी कई गुना बढ़ सकती है। लाल गोभी जैसी हाई वैल्यू फसल किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बना सकती है। बदलते समय में खेती में छोटे बदलाव भी बड़ा मुनाफा दे सकते हैं।
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