मध्यप्रदेश में अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित: सूची से 34 लाख नाम कटे, अब कुल 5.39 करोड़ वोटर
भोपाल। मध्य प्रदेश में 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत लगभग चार माह तक चले व्यापक सत्यापन और संशोधन कार्य के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। यह सूची 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर तैयार की गई है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, विलोपन और संशोधन से संबंधित दावे एवं आपत्तियां 23 दिसंबर 2025 से 22 जनवरी 2026 तक प्राप्त की गई थीं।
ये भी पढ़ें ट्रंप की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक आज, गाजा पुनर्वास पर 20 सदस्य देश करेंगे चर्चाइसके बाद 14 फरवरी 2026 तक निर्वाचन अधिकारियों ने सभी दावों और आपत्तियों का सत्यापन कर उनका निराकरण किया। इस अभियान में राज्यभर से अभूतपूर्व सहयोग प्राप्त हुआ। विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने में 55 जिला निर्वाचन अधिकारियों, 230 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, 533 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों और 71,930 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के साथ अनेक वालंटियर्स की सक्रिय भूमिका रही। मीडिया, राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों ने भी सहयोग दिया। राज्य में कुल 5,74,06,143 पंजीकृत मतदाताओं में से 5,31,31,983 मतदाताओं से गणना प्रपत्र प्राप्त हुए, जिनका पूर्ण डिजिटलीकरण किया गया। बीएलओ द्वारा घर-घर सर्वेक्षण के माध्यम से दिवंगत, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा दो स्थानों पर पंजीकृत मतदाताओं की पहचान की गई।
एसआईआर की घोषणा के बाद 5.74 करोड़ मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित कर उनका डिजिटलीकरण मिशन मोड में किया गया। अभियान के दौरान मृत, अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टियों के सत्यापन के लिए बूथ लेवल अधिकारियों और राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों के साथ बैठकों का आयोजन किया गया। संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टियों की सूची जिला निर्वाचन अधिकारी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी प्रकाशित की गई। प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले राज्य में 5,74,06,143 मतदाता पंजीकृत थे।
प्रारूप सूची के बाद यह संख्या 5,31,31,983 रही, जबकि अंतिम मतदाता सूची में 5,39,81,065 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। इस प्रकार प्रारूप सूची के बाद 8,49,082 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है। अंतिम मतदाता सूची सभी मतदान केंद्रों और निर्धारित स्थलों पर उपलब्ध कराई गई है। यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध है, जहां मतदाता अपनी जानकारी देख सकते हैं। प्रत्येक जिले में अंतिम मतदाता सूची की प्रतियां नियमानुसार मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी उपलब्ध करा दी गई हैं।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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