छुट्टी पर घर लौट रहा आईटीबीपी का एक जवान लापता, गोरखपुर में मिला सामान
गोरखपुर/कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के चारामा थाना क्षेत्र के ग्राम कसावाही निवासी पंजाब में तैनात आईटीबीपी का एक जवान विनोद कुमार गोटी, छुट्टी पर घर लौटते समय संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। जवान 7 फरवरी की रात परिजनों से फोन पर रायपुर पहुंचने की बात कही थी, लेकिन उसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। यूपी के गोरखपुर में उनका सामान मिलने से मामला और भी रहस्यमय हो गया है।
चारामा थाना से शुक्रवार काे मिली जानकारी के अनुसार ग्राम कसावाही निवासी जवान विनोद कुमार गोटी वर्तमान में पंजाब के लुधियाना स्थित आईटीबीपी पोस्ट पर पदस्थ है। 7 फरवरी की रात करीब 10 बजे उन्होंने परिजनों से फोन पर बातचीत कर बताया था कि वे छुट्टी लेकर घर लौट रहे हैं। रायपुर पहुंचने के बाद उन्हें लेने आने के लिए कहा था। अगली सुबह जब उनके पिता ने संपर्क करने की कोशिश की तो उनका मोबाइल फोन बंद मिला। परिजनों ने लगातार संपर्क करने का प्रयास किया।
इसी बीच रेलवे पुलिस गोरखपुर ने कॉल रिसीव कर जानकारी दी कि जवान का सामान गोरखपुर में मिला है, जिसे छोड़कर वे कहीं चले गए हैं। सूचना मिलते ही चिंतित परिजन गोरखपुर पहुंचे, लेकिन वहां भी जवान का कोई सुराग नहीं मिल पाया। परिजन उनका सामान लेकर वापस कांकेर लौट आए हैं। घटना के बाद से जवान विनोद कुमार गोटी की तलाश जारी है, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। जवान के अचानक लापता हो जाने से परिवार गहरे सदमे में है। परिजनों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से अपील की है कि मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द से जल्द जवान का पता लगाया जाए।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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