वोडाफोन आइडिया की सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बनेगी सरकार, बकाए 16,000 करोड़ की जगह लेगी कंपनी का 33 प्रतिशत
नई दिल्ली। वित्तीय संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने उसे 16,000 करोड़ रुपये के बकाए के हिस्से को सरकार के पक्ष में इक्विटी में बदलने का निर्देश दिया है। कंपनी ने कहा, इसके द्वारा यह सूचित किया जाता है कि संचार मंत्रालय ने कंपनी को निर्देश दिया […]
नई दिल्ली। वित्तीय संकट से जूझ रही दूरसंचार कंपनी वोडाफोन आइडिया ने शुक्रवार को कहा कि सरकार ने उसे 16,000 करोड़ रुपये के बकाए के हिस्से को सरकार के पक्ष में इक्विटी में बदलने का निर्देश दिया है।
कंपनी ने कहा, इसके द्वारा यह सूचित किया जाता है कि संचार मंत्रालय ने कंपनी को निर्देश दिया है कि वह भारत सरकार को जारी किए जाने वाले स्पेक्ट्रम नीलामी की किस्तों और एजीआर बकाया राशि के एनपीवी को इक्विटी शेयरों में बदलने से संबंधित ब्याज को परिवर्तित करे।
ये भी पढ़ें श्रीलंका-भारत समुद्री विवाद: वैश्विक तनाव के बीच फंसे भारतीय मछुआरों पर लोकसभा में चर्चा की मांगसरकार स्पेक्ट्रम और अन्य बकाये के भुगतान से जुड़े सभी ब्याज को इक्विटी में तब्दील करने के बाद वोडाफोन आइडिया में 33 फीसदी इक्विटी लेगी। इससे सरकार टेलीकॉम कंपनी में सबसे बड़ी शेयरहोल्डर बन जाएगी।
कंपनी ने बताया कि वोडाफोन आइडिया 16,133 करोड़ रुपये के बकाया को इक्विटी में बदलेगी और 10 रुपये के शेयर जारी करेगी।
दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बयान में कहा- हमने दृढ़ प्रतिबद्धता मांगी थी कि आदित्य बिड़ला समूह कंपनी चलाएगा और आवश्यक निवेश लाएगा। बिड़ला सहमत हो गए हैं और इसलिए हम परिवर्तित होने के लिए सहमत हुए हैं। हम चाहते हैं कि भारत बीएसएनएल के साथ तीन खिलाड़ियों वाला बाजार बने और उपभोक्ताओं के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करे।
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