'मादुरो की तरह इस नेता को भी किडनैप करे अमेरिका'; पाकिस्तान में मचा बवाल
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में एक विवादित बयान दिया है, जिसमें उन्होंने अमेरिका से इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को उसी तरह 'किडनैप' (अपहरण) करने की अपील की है जैसे हाल ही में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी हिरासत में लिया गया था।
उन्होंने आगे कहा कि यदि अमेरिका ऐसा नहीं करता, तो तुर्की (एर्दोगन) को नेतन्याहू को किडनैप कर लेना चाहिए। उन्होंने यहाँ तक कहा कि "पूरा पाकिस्तान इसके लिए प्रार्थना कर रहा है।"
आसिफ ने नवंबर 2024 में ICC द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट का हवाला देते हुए नेतन्याहू को 'दुनिया का सबसे बड़ा अपराधी' करार दिया।
जब ख्वाजा आसिफ यह बयान दे रहे थे, तब माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। प्रसिद्ध पत्रकार हामिद मीर ने उन्हें टोकते हुए कहा कि उनके बयान का मतलब अमेरिका और विशेषकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधना निकाला जा सकता है।
आसिफ के कड़े शब्दों के बाद चैनल को तुरंत विज्ञापन ब्रेक लेना पड़ा और रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्रेक के बाद ख्वाजा आसिफ को दोबारा ऑन-एयर नहीं लाया गया।
माना जा रहा है कि यह बयान अमेरिका और पाकिस्तान के संबंधों में खटास ला सकता है, विशेषकर तब जब ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला के मुद्दे पर काफी आक्रामक है।
इजरायल ने पहले ही ICC वारंट को अवैध बताया है। पाकिस्तान के इस बयान को इजरायल और उसके सहयोगियों द्वारा 'आतंक को बढ़ावा देने वाला' बताया जा सकता है।
निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को पाकिस्तान सहित कई देशों ने 'संप्रभुता का उल्लंघन' माना है, लेकिन आसिफ ने इसका उपयोग नेतन्याहू पर दबाव बनाने के लिए किया है।
पाकिस्तान ने सोमालीलैंड को मान्यता देने के लिए इजराइल को आड़े हाथों लिया
जेद्दा (सऊदी अरब)। पाकिस्तान के विदेशमंत्री और उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने सोमालीलैंड को मान्यता देने के लिए इजराइल की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इजराइल ने अपने विदेशमंत्री को सोमालीलैंड भेजकर सोमालिया की संप्रभुता पर सीधा प्रहार किया है। उन्होंने आज यहां इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में यह टिप्पणी की।
पाकिस्तान के दुनिया न्यूज चैनल की रिपोर्ट के अनुसार डार ने परिषद के असाधारण सत्र में कहा कि पाकिस्तान इजराइल इजराइली विदेशमंत्री की सोमालीलैंड यात्रा के अवैध और अवास्तविक कृत्य की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सोमालिया की संप्रभुता का सम्मान और उसका समर्थन करता है।
डार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत किसी देश की संप्रभुता और अखंडता मौलिक होती है। उसके भौगोलिक मानचित्र पर बाहरी हस्तक्षेप से वास्तविकता नहीं बदली जा सकती। इजराइल का यह कदम हॉर्न ऑफ अफ्रीका और लाल सागर में शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है। पाकिस्तान ने ओआईसी के साथ मिलकर एक संयुक्त बयान में कहा कि वह सोमाली लोगों और सुरक्षा बलों के बलिदान की सराहना करता है।
विदेशमंत्री डार ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान फिलिस्तीनी लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि गाजा में युद्ध समाप्त करने और मानवीय सहायता की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रयास आवश्यक हैं। पाकिस्तान फिलिस्तीनी आत्मनिर्णय के अधिकार के लिए ओआईसी और अरब देशों के साथ सहयोग करेगा। ओआईसी सोमालिया की संप्रभुता का समर्थन करता है।
इससे पहले, ओआईसी के महासचिव हुसैन इब्राहिम ताहा ने कहा कि संगठन सोमालिया की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है। उन्होंने कहा कि सोमालीलैंड के बारे में इजराइल का कदम अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
सऊदी अरब के उप विदेशमंत्री वलीद बिन अब्दुलकरीम एलखेरेजी ने कहा कि सोमालिया की संप्रभुता को कमजोर करने के प्रयास विफल होंगे। फिलिस्तीनी विदेशमंत्री वर्सेन अघाबेकियन ने कहा कि वे सोमालिया की संयुक्त राष्ट्र से मान्यसीमाओं का समर्थन करते हैं। सोमालिया के विदेशमंत्री अब्दिसलाम अब्दी अली ने कहा कि वे किसी भी देश को सोमाली जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देंगे। तुर्किये के प्रतिनिधि ने कहा कि सोमालीलैंड को मान्यता देने का इजराइल का कदम अस्वीकार्य है।
