पाकिस्तान: बलूचिस्तान में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं छठे दिन भी रहीं निलंबित
क्वेटा। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के क्वेटा और कुछ अन्य इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं लगातार छठे दिन भी निलंबित रहीं, हालांकि ट्रेन सेवाओं को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। स्थानीय मीडिया ने गुरुवार को बताया कि आतंकवाद-रोधी अभियानों के बाद सुरक्षा हालात में कुछ हद तक सुधार आया है, लेकिन इंटरनेट सेवाएं अब भी प्रभावित हैं। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार डॉन से बात करते हुए बलूचिस्तान के अतिरिक्त मुख्य सचिव हमजा शफकात ने कहा कि क्वेटा में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं अभी बंद हैं, लेकिन उम्मीद है कि इन्हें रात 12 बजे तक बहाल कर दिया जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, नुश्की, सिबी और मस्तूंग जिलों में भी मोबाइल डेटा सेवाएं बाधित रहीं। वहीं, पहले से जारी सुरक्षा चिंताओं के चलते पांजगुर, कलात, खुजदार, अवारान और तुर्बत में अलग-अलग अवधि के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित की गई थीं। इस बीच, पाकिस्तान रेलवे के क्वेटा डिवीजन के प्रवक्ता मुहम्मद काशिफ ने बताया कि क्वेटा-पेशावर मार्ग पर जाफर एक्सप्रेस और कराची जाने वाली बोलन मेल, जो 31 जनवरी से निलंबित थीं, उन्हें बहाल कर दिया गया है। इसके अलावा, क्वेटा-चमन पैसेंजर ट्रेन की सेवाएं भी फिर से शुरू हो गई हैं।
पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया है कि 31 जनवरी को हुए हमलों के जवाब में बलूचिस्तान में चलाए गए ‘ऑपरेशन रद्द-उल-फितना-1’ के तहत 216 आतंकवादियों को मार गिराया गया। सेना की मीडिया शाखा आईएसपीआर के अनुसार, इन अभियानों में महिलाओं और बच्चों समेत 36 नागरिकों, जबकि 22 सुरक्षाकर्मी और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के कर्मी भी मारे गए। गौरतलब है कि 31 जनवरी को बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने बलूचिस्तान में ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दूसरे चरण की शुरुआत का ऐलान किया था। इसके बाद प्रांत के कई जिलों से पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमले, विस्फोट और सशस्त्र झड़पों की खबरें सामने आई थीं।
बीएलए के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने इसे “निर्णायक प्रतिरोध की घोषणा” बताते हुए कहा था कि यह नया चरण “कब्जा करने वाले राज्य और उसकी सभी सैन्य व प्रशासनिक संरचनाओं” के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि बलूच जनता के समर्थन से संगठन हर शहर, गली और मोहल्ले में “दुश्मन को हराएगा।” बीएलए ने बयान में कहा कि ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दूसरे चरण के तहत क्वेटा, नुश्की, मस्तूंग, दल्बंदीन, कलात, खारान, ग्वादर, पसनी, तुम्प और बुलेदा सहित 10 शहरों में एकसाथ समन्वित हमले किए गए।
संगठन ने दावा किया कि उसने पाकिस्तानी सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई के ठिकानों को निशाना बनाया, कई इलाकों में सैन्य गतिविधियों को बाधित किया और कुछ स्थानों पर सेना को पीछे हटने पर मजबूर किया। एक अलग संदेश में, बीएलए के सरगना बशीर ज़ेब बलूच ने बलूचिस्तान के लोगों से पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के खिलाफ सड़कों पर उतरने और संघर्ष में शामिल होने की अपील की।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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