शामली का भूजल संकट: 101.30% पहुंचा दोहन स्तर; सीडीओ विनय तिवारी ने जल संरक्षण के लिए दिए कड़े निर्देश
शामली (Shamli): जनपद में लगातार गिरते भूजल स्तर को सुधारने और 'जल शक्ति अभियान: कैच द रेन 2025' के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विनय कुमार तिवारी की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में सामने आया कि शामली का समग्र भूजल विकास स्तर 101.30 प्रतिशत तक पहुँच गया है, जो जल संसाधनों पर बढ़ते भारी दबाव का स्पष्ट संकेत है।
डेंजर ज़ोन में शामली के विकास खंड
-
अतिदोहित श्रेणी (Over-exploited): विकास खंड शामली और ऊन।
-
क्रिटिकल श्रेणी (Critical): विकास खंड कैराना और कांधला।
-
सेमी-क्रिटिकल श्रेणी (Semi-critical): विकास खंड थानाभवन।
वैज्ञानिकों ने सुझाए रिचार्ज के तरीके
बैठक में केंद्रीय भूमि एवं जलबोर्ड के वैज्ञानिक डॉ. फखरे आलम को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। उन्होंने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि कैसे वैज्ञानिक अध्ययनों और नई तकनीकों का उपयोग कर भूजल को दोबारा रिचार्ज किया जा सकता है। उन्होंने मनरेगा और अन्य संबंधित विभागों से अनुरोध किया कि वे जल संचयन संरचनाओं के निर्माण पर जोर दें ताकि शामली के सभी ब्लॉकों को 'सुरक्षित श्रेणी' में वापस लाया जा सके।
सीडीओ की चेतावनी: पोर्टल पर समय से अपलोड करें डेटा
सीडीओ विनय कुमार तिवारी ने सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाकर जल संरक्षण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि JSJB 2.0 पोर्टल पर डेटा समयबद्ध रूप से अपलोड किया जाए, ताकि प्रदेश स्तर पर जनपद शामली की रैंकिंग में सुधार हो सके। बैठक में उपायुक्त मनरेगा प्रेमचंद, अधिशासी अभियंता जल निगम फूलसिंह यादव और सभी बीडीओ मौजूद रहे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)
Youtube – https://www.youtube.com/@RoyalBulletinIndia
Facebook – https://www.facebook.com/royalbulletin
Instagram: https://www.instagram.com/royal.bulletin/
Twitter – https://twitter.com/royalbulletin
Whatsapp – https://chat.whatsapp.com/Haf4S3A5ZRlI6oGbKljJru
