खतौली तहसील में आर-पार की जंग: चौथे दिन भी वकीलों का हल्लाबोल, जुलूस निकाल तहसील प्रशासन को ललकारा
भ्रष्टाचार के खिलाफ तहसील बार एसोसिएशन का धरना बदस्तूर जारी; जानसठ बार का मिला समर्थन, प्रशासन की चुप्पी पर भड़के अधिवक्ता
खतौली | खतौली तहसील परिसर इन दिनों भ्रष्टाचार के विरुद्ध चल रहे जबरदस्त आंदोलन का अखाड़ा बना हुआ है। तहसील बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन बुधवार को चौथे दिन भी पूरी आक्रामकता के साथ जारी रहा। वकीलों के सख्त रुख और तहसील प्रशासन की रहस्यमयी चुप्पी ने मामले को और अधिक गरमा दिया है। बुधवार को वकीलों ने न केवल धरना दिया, बल्कि तहसील परिसर में विशाल जुलूस निकालकर प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की, जिससे पूरे परिसर में हड़कंप मच गया।
बार संघ के अध्यक्ष नवीन कुमार उपाध्याय ने धरने को संबोधित करते हुए तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता पिछले चार दिनों से अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन तहसील प्रशासन इस आंदोलन को गंभीरता से नहीं ले रहा है। वहीं, महासचिव प्रदीप कुमार एडवोकेट ने दो टूक शब्दों में कहा कि भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हो चुकी हैं। जब तक एसडीएम कोर्ट और तहसीलदार कोर्ट में लंबे समय से जमे हुए पेशकारों के पटल (कार्यक्षेत्र) नहीं बदले जाते, तब तक यह विरोध प्रदर्शन और हड़ताल खत्म नहीं होगी।
जानसठ बार का मिला साथ, आंदोलन हुआ तेज
खतौली के अधिवक्ताओं के इस संघर्ष को अब क्षेत्रीय स्तर पर भी बड़ा समर्थन मिल रहा है। अध्यक्ष नवीन उपाध्याय ने बताया कि जानसठ तहसील बार एसोसिएशन ने भी भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में अपना समर्थन देते हुए मंगलवार और बुधवार को हड़ताल रखी। इस एकजुटता के लिए उन्होंने जानसठ बार का आभार व्यक्त किया।
प्रशासन की बेरुखी पर उठा गुस्सा
पूर्व महासचिव सचिन आर्य ने तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार करते हुए इसे एक बड़ी विडंबना करार दिया। उन्होंने कहा, "हम चार दिनों से तहसीलदार और उपजिलाधिकारी कार्यालय के ठीक बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अधिवक्ताओं के बीच संवाद करने नहीं पहुँचा।" वकीलों का आरोप है कि प्रशासन की यह बेरुखी साफ दर्शाती है कि वे भ्रष्टाचार को खत्म करने के पक्ष में नहीं हैं और भ्रष्ट कर्मचारियों को संरक्षण दे रहे हैं।
ये रहे मुख्य रूप से शामिल
धरना प्रदर्शन में जगदीश आर्य, सरदार जितेंद्र सिंह, जितेंद्र त्यागी, दिमाग सिंह, लाल सिंह, नवाब सिंह, सत्य प्रकाश सैनी, राजवीर सिंह, शाकिर अहमद, मोहम्मद अरशद, कुंवर सुलेमान खान, सत्यम कुमार, गंगा शरण गौतम, रोशनी सैनी, शकुंतला देवी, रवि कुमार, प्रमोद शर्मा, मुकेश शर्मा, दिनेश कौशिक, पवन कुमार, अनुज तोमर, रामरोशन दास, सावन कुमार सहित भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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लेखक के बारे में
वरिष्ठ पत्रकार आरिफ सिद्दीकी पिछले 32 वर्षों से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार के एक अभिन्न स्तंभ हैं। मुज़फ्फरनगर के खतौली क्षेत्र की ज़मीनी समस्याओं और विकास के मुद्दों पर उनकी पकड़ बेमिसाल है। तीन दशकों से अधिक के अपने सुदीर्घ पत्रकारिता करियर में उन्होंने हमेशा सत्य और निष्पक्षता का मार्ग चुना है। विश्वसनीय रिपोर्टिंग और क्षेत्रीय विषयों पर उनकी गहरी समझ उन्हें क्षेत्र के सबसे अनुभवी पत्रकारों की श्रेणी में खड़ा करती है। खतौली की खबरों के लिए उनसे 9897846483 पर संपर्क किया जा सकता है।

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