मुजफ्फरनगर नगर पालिका में 'फर्जीवाड़े' का बड़ा धमाका: भाजपा सभासद ने खोली फाइलों की पोल, निविदाएं निरस्त करने की मांग
फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और FDR के खेल से मचा हड़कंप; क्या अधिकारियों की शह पर हो रहा है सरकारी धन का बंदरबांट?
मुज़फ्फरनगर- नगर पालिका परिषद में विकास कार्यों की आड़ में चल रहे कथित खेल को लेकर राजनीति गर्मा गई है। वार्ड 26 से भाजपा सभासद देवेश कौशिक ने निर्माण विभाग में जड़ें जमा चुके भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रशासन की नींद उड़ा दी है। बुधवार को अधिशासी अधिकारी को सौंपे गए एक शिकायती पत्र में सभासद ने निविदा (Tender) प्रक्रिया में बड़े स्तर पर धांधली और दस्तावेजों की हेराफेरी का दावा किया है। इस खुलासे के बाद से पालिका गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे 'ठेकेदारी' का खेल
भाजपा सभासद देवेश कौशिक का सीधा आरोप है कि निर्माण विभाग में निविदाओं को हथियाने के लिए फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और जाली एफडीआर (FDR) का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि 12 जनवरी 2026 को हुई निविदा प्रक्रिया के दौरान कई ठेकेदारों ने फर्जी कागजात लगाकर टेंडर प्राप्त करने की कोशिश की। सभासद ने दावा किया कि इसी फर्जीवाड़े के कारण निविदाएं अत्यधिक न्यूनतम दरों पर डाली जा रही हैं, जिसका सीधा असर भविष्य में होने वाले विकास कार्यों की गुणवत्ता पर पड़ेगा।
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शिकायत में एक और चौंकाने वाला मुद्दा उठाया गया है। सभासद के अनुसार, नगर पालिका में 5 लाख रुपये तक की निविदाओं को अनुभव की शर्त से मुक्त कर दिया गया है, जबकि इसके लिए कोई स्पष्ट सरकारी शासनादेश (Government Order) मौजूद नहीं है। आरोप है कि बोर्ड की स्वीकृति की आड़ में नियमों को ताक पर रखकर चहेते लोगों को फायदा पहुँचाने की कोशिश की जा रही है।
अधिकारियों की उदासीनता पर तीखे सवाल
देवेश कौशिक ने कहा कि निर्माण विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और उदासीनता के कारण नगर पालिका की छवि जनता के बीच धूमिल हो रही है। परफॉर्मेंस राशि बचाने के लिए फर्जी दस्तावेज लगाना एक बड़ा अपराध है, जिस पर विभाग ने अब तक आंखें मूंद रखी हैं। उन्होंने मांग की है कि 12 जनवरी की निविदा प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए और दोषी ठेकेदारों के साथ-साथ संदिग्ध अधिकारियों की भूमिका की भी गहन जांच की जाए।
उच्चाधिकारियों तक पहुँचा मामला
मामले की गंभीरता को देखते हुए इस शिकायती पत्र की प्रतिलिपि मंडलायुक्त सहारनपुर, जिलाधिकारी और नगर पालिका अध्यक्ष को भी भेजी गई है। फिलहाल, पालिका प्रशासन ने आरोपों पर संज्ञान लेते हुए जांच और कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि क्या इस जांच में 'फर्जीवाड़े' के बड़े चेहरों से नकाब हटेगा या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।
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मुज़फ्फरनगर के वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप त्यागी पिछले दो दशकों (20 वर्ष) से रॉयल बुलेटिन परिवार के एक अटूट और विश्वसनीय स्तंभ हैं। दो दशकों के अपने इस लंबे सफर में आपने मुज़फ्फरनगर की हर छोटी-बड़ी राजनीतिक, प्रशासनिक और सामाजिक हलचल को बेहद करीब से देखा और अपनी लेखनी से जनता की आवाज़ बुलंद की है। वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में जिला प्रभारी की ज़िम्मेदारी निभा रहे श्री त्यागी अपनी ज़मीनी रिपोर्टिंग के लिए पूरे जिले में पहचाने जाते हैं। जिले की खबरों, जन-समस्याओं और संवाद हेतु आप उनसे मोबाइल नंबर 9027803022 पर संपर्क कर सकते हैं।

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