भाजपा सरकार बनी तो सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की निगरानी में ममता शासन के भ्रष्टाचार की होगी जांच: अमित शाह
कोलकाता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने पर ममता बनर्जी सरकार के दौरान हुए सभी भ्रष्टाचार के मामलों की जांच उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और सभी को जेल भेजा जाएगा। उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर भ्रष्टाचार, प्रशासनिक विफलता और कानून व्यवस्था की बदहाली को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बंगाल में भ्रष्टाचार पूरी तरह संस्थागत हो चुका है और इसकी कीमत आम जनता चुका रही है।
कोलकाता के आनंदपुर वेयरहाउस अग्निकांड का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि टीएमसी सरकार के भ्रष्टाचार और आपराधिक लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना एनओसी के आर्द्रभूमि पर गोदाम बनाए गए, गोदाम अंदर से बंद था, जिसके कारण कई लोग जिंदा जल गए। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक फैक्ट्री मालिक की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई और क्या इसकी वजह सत्तारूढ़ दल से उनकी नजदीकी है।
अमित शाह ने कहा कि इस घटना में 25 नागरिकों की मौत हो चुकी है और 27 लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 32 घंटे बाद घटनास्थल पर पहुंचीं, जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित परिवारों से मिलने गए भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने अत्याचार किए।
अमित शाह ने कहा कि 'वंदे मातरम्' की जन्मभूमि बंगाल में आज उसी की अस्मिता पर हमला हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 'वंदे मातरम्' के 150वें वर्ष में संसद के भीतर टीएमसी सांसदों ने इसका विरोध किया। उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल वोट बैंक की राजनीति के लिए बंगाल की पहचान को कमजोर किया जा रहा है और क्या राज्य की जनता इसे स्वीकार करेगी?
अवैध घुसपैठ को लेकर गृह मंत्री ने गंभीर चिंता जताते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बताया। उन्होंने कहा कि कलकत्ता उच्च न्यायालय की टिप्पणी के बावजूद राज्य सरकार सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि घुसपैठियों को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। शाह ने कहा कि भाजपा सरकार बनते ही 35 दिनों के भीतर सीमा बाड़बंदी का काम पूरा किया जाएगा।
अमित शाह ने एसएससी घोटाला, शिक्षा घोटाला, नगर निकाय भर्ती घोटाला, गो-तस्करी, राशन घोटाला, मनरेगा और पीएम आवास घोटालों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई टीएमसी नेता पहले ही जेल जा चुके हैं। उन्होंने ममता बनर्जी को चुनौती दी कि यदि वे सच में भ्रष्टाचार के खिलाफ हैं, तो दागी नेताओं को चुनाव में टिकट न दें।
केंद्र सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बंगाल को करीब 10 लाख करोड़ रुपये दिए और नई ट्रेनें भी चलाईं, लेकिन इसका लाभ गांवों तक नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि सारा पैसा टीएमसी सिंडिकेट के हाथों में चला गया। उन्होंने वादा किया कि भाजपा सरकार में कट-मनी संस्कृति को पूरी तरह खत्म किया जाएगा। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि 2014 में भाजपा को बंगाल में 2 सीटें मिली थीं, 2019 में 18 सीटें और 2021 के विधानसभा चुनाव में 77 सीटें मिलीं। उन्होंने दावा किया कि इस बार भाजपा 50 प्रतिशत से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी।
गृह मंत्री ने मतुआ और नमशूद्र समुदायों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें डरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने अवैध घुसपैठियों की पहचान के लिए चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया के प्रति भाजपा के समर्थन को दोहराया। अपने संबोधन के अंत में अमित शाह ने कहा कि बंगाल ने लाल और हरे शासन देखे हैं और अब समय आ गया है कि केसरिया भाजपा को मौका दिया जाए, ताकि बंगाल सुरक्षित, भ्रष्टाचार मुक्त और विकसित राज्य बन सके।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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