मुजफ्फरनगर के मेडिकल स्टोर से हरियाणा तक फैला नशीली दवाओं का जाल, कैथल में दो सगे भाई गिरफ्तार
कैथल पुलिस के रिमांड पर बेलड़ा के राहुल-हिमांशु, मुजफ्फरनगर के मेडिकल स्टोर पर भी होगी छापेमारी
मुजफ्फरनगर/ कैथल । हरियाणा के कैथल जिले में प्रतिबंधित नशीली दवाओं के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसमें मुजफ्फरनगर का कनेक्शन सामने आया है। कैथल पुलिस ने 2500 नशीली गोलियां सप्लाई करने के आरोप में जनपद मुजफ्फरनगर के दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। इस घटना ने एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हरियाणा तक फैले ड्रग्स नेटवर्क पर चिंता बढ़ा दी है।
कैथल पुलिस की सीआईए-1 टीम ने बीते 28 नवंबर को गांव पहाड़पुर से चक्कू लदाना जाने वाली सड़क पर रवि नामक युवक को 2500 नशीली गोलियों के साथ पकड़ा था। पुलिस द्वारा की गई गहन पूछताछ में रवि ने खुलासा किया कि उसे ये गोलियां दिवांशु उर्फ विशु ने उपलब्ध करवाई थीं। दिवांशु से पूछताछ में प्रवीन कुमार और फिर विभांशु उर्फ छोटू का नाम सामने आया।
मुजफ्फरनगर कनेक्शन का खुलासा
पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि आगे की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी हिमांशु यूपी में एक केमिस्ट की दुकान चलाता है, और उसका भाई राहुल है। इन्हीं राहुल ने आरोपी विभांशु उर्फ छोटू को ये प्रतिबंधित नशीली गोलियां सप्लाई की थीं। विभांशु को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। अब पुलिस ने राहुल और हिमांशु को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है ताकि इस ड्रग्स रैकेट की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
कैथल में नशीली दवाओं की बड़ी खेप पकड़े जाने के मामले में मुजफ्फरनगर का कनेक्शन अब और भी गहरा गया है। कैथल पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए जनपद के बेलड़ा गांव निवासी सगे भाई राहुल और हिमांशु को पुलिस ने रिमांड पर ले लिया है। इस गिरफ्तारी के बाद अब मुजफ्फरनगर में संचालित उनके मेडिकल स्टोर और उन्हें सप्लाई करकने वाली एजेंसियों पर भी छापेमारी की तलवार लटक गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले के ड्रग्स सप्लायर्स और अवैध दवा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
मेडिकल स्टोर की आड़ में नशीली दवाओं का धंधा
कैथल पुलिस की सीआईए-1 टीम द्वारा की गई जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़ा गया आरोपी हिमांशु मुजफ्फरनगर में मेडिकल स्टोर संचालित करता है। आरोप है कि इसी मेडिकल स्टोर की आड़ में प्रतिबंधित नशीली गोलियों का काला कारोबार किया जा रहा था। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि इन दोनों भाइयों ने कैथल के युवकों को 2500 प्रतिबंधित नशीली गोलियां सप्लाई की थीं। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि वे लंबे समय से दवाओं की आड़ में इस नेटवर्क को चला रहे थे।
रिमांड पर आरोपी, मुजफ्फरनगर में होगी बड़ी छापेमारी
कैथल पुलिस ने राहुल और हिमांशु को कोर्ट से रिमांड पर ले लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान आरोपियों को मुजफ्फरनगर लाया जाएगा, जहाँ उनके मेडिकल स्टोर और ठिकानों पर सघन छापेमारी की जाएगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मुजफ्फरनगर से ये नशीली गोलियां कहाँ से लाई जा रही थीं और इस नेटवर्क में जिले के और कौन से दवा विक्रेता या सप्लायर शामिल हैं।
ड्रग्स नेटवर्क पर प्रशासन की टेढ़ी नज़र
मुजफ्फरनगर के युवकों का दूसरे राज्यों में ड्रग्स तस्करी में नाम आने के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। माना जा रहा है कि कैथल पुलिस के साथ मिलकर मुजफ्फरनगर पुलिस और ड्रग विभाग बड़ी कार्रवाई कर सकता है। रिमांड के दौरान होने वाले खुलासे कई रसूखदारों की मुश्किलें बढ़ा सकते हैं।
बड़ा नेटवर्क होने की आशंका
पुलिस का मानना है कि पकड़े गए आरोपी इस बड़े नेटवर्क का एक हिस्सा हो सकते हैं, जो मुजफ्फरनगर से दवाइयों के नाम पर नशीली गोलियों की सप्लाई हरियाणा और आसपास के राज्यों में कर रहे हैं। पुलिस अब दोनों भाइयों से पूछताछ कर रही है ताकि अन्य सप्लायर्स और नेटवर्क में शामिल लोगों का पता लगाया जा सके। इस गिरफ्तारी से नशे के कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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