राज्यों को मिलेगी जीएसटी की पूरी बकाया राशि, तरल गुड़ और पेंसिल शार्पनर पर जीएसटी दर घटी
नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के शीर्ष निकाय जीएसटी परिषद की 49वीं बैठक में राज्यों का 5 साल का पूरा बकाया जीएसटी मुआवजा जारी करने सहित कुछ चीजों पर जीएसटी दर घटाने का भी फैसला लिया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में यह ऐलान […]
नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के शीर्ष निकाय जीएसटी परिषद की 49वीं बैठक में राज्यों का 5 साल का पूरा बकाया जीएसटी मुआवजा जारी करने सहित कुछ चीजों पर जीएसटी दर घटाने का भी फैसला लिया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक के बाद आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में यह ऐलान किया।
उन्होंने बताया कि जीएसटी परिषद ने तरल गुड़, पेंसिल शार्पनर और चुनिंदा ट्रैकिंग उपकरणों पर जीएसटी की मौजूदा दर में कटौती करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि पेंसिल शार्पनर पर जीएसटी की दर 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी, तरल गुड़ पर 18 फीसदी से घटाकर शून्य करने और प्री-पैकेज्ड और लेबल्ड वाले गुड़ पर 5 फीसदी करने का फैसला लिया गया है।
सीतारमण ने कहा कि जीएसटी परिषद ने पान मसाला और गुटखा पर भी बड़ा फैसला किया है। अब पान मसाला और गुटखा पर उत्पादन के हिसाब से जीएसटी लगेगा। इन पर कैपेसिटी बेस्ड टैक्सेशन लागू होगा। उन्होंने आगे कहा कि जीएसटी परिषद ने पान मसाला और गुटखा उद्योग में हो रही कर चोरी पर लगाम लगाने के लिए ओडिशा के वित्त मंत्री निरंजन पुजारी की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों के समूह (जीओएम) की रिपोर्ट पर भी चर्चा की है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी की शीर्ष निकाय जीएसटी परिषद की 49वीं बैठक नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में संपन्न हुई। इस बैठक में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी सहित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और केंद्र सरकार और राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
किन उत्पादों पर जीएसटी दर घटी-बढ़ी
जीएसटी परिषद की 49वीं बैठक में कई उत्पादों पर जीएसटी घटाने का फैसला लिया गया है। तरल गुड़ (लिक्विड जैगरी/राब) पर जीएसटी दर को 18 फीसदी से घटाकर शून्य कर दिया गया है। अगर गुड़ प्री-पैकेज्ड और लेबल्ड है, तो इस पर पांच फीसदी जीएसटी लगेगा। इसके साथ ही पेंसिल और शार्पनर पर जीएसटी रेट को 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा टिकाऊ कंटेनरों पर लगे टैग ट्रैकिंग डिवाइस या डेटा लॉगर्स पर जीएसटी में कुछ शर्तों के तहत 18 फीसदी से घटाकर शून्य किया गया है।
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