मंदी की आहट ने कंपनियों की बढ़ाई चिंता, IBM के बाद SAP ने भी छंटनी की घोषणा
न्यूयॉर्क| यूरोपीय सॉफ्टवेयर दिग्गज एसएपी टेक कंपनियों में कर्मचारियों की छंटनी में शामिल हो गई और गुरुवार को घोषणा की कि वह लगभग 2,900 नौकरियों में कटौती कर रही है, जब प्रतिष्ठित अमेरिकी टेक कंपनी आईबीएम ने कहा कि वह लगभग 3,900 नौकरियों में कटौती कर रही है। ये संख्या पिछले साल 150,000 नौकरियों में […]
न्यूयॉर्क| यूरोपीय सॉफ्टवेयर दिग्गज एसएपी टेक कंपनियों में कर्मचारियों की छंटनी में शामिल हो गई और गुरुवार को घोषणा की कि वह लगभग 2,900 नौकरियों में कटौती कर रही है, जब प्रतिष्ठित अमेरिकी टेक कंपनी आईबीएम ने कहा कि वह लगभग 3,900 नौकरियों में कटौती कर रही है। ये संख्या पिछले साल 150,000 नौकरियों में कटौती और उस संख्या का लगभग 30 प्रतिशत है जो कंप्यूटरवर्ल्ड द्वारा बुधवार को रिपोर्ट की गई थी।
ये भी पढ़ें बाजार की पाठशाला : सोना खरीदने और बेचने से पहले समझ लें टैक्स के नियम, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान!जर्मनी मुख्यालय वाली कंपनी ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी सॉफ्टवेयर कंपनी क्वाल्ट्रिक्स के अपने 71 प्रतिशत स्वामित्व को छोड़ना चाहती है।
एसएपी के सीईओ क्रिश्चियन क्लेन ने एक स्ट्रीम किए गए वीडियो में छंटनी को ‘बहुत लक्षित पुनर्गठन’ कहा, जो उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने में मदद करेगा, जहां हम अपने त्वरित विकास को जारी रखने के लिए सबसे मजबूत हैं।
आईबीएम ने बुधवार को घोषित छंटनी को अपनी तकनीकी सेवा इकाई और अपनी स्वास्थ्य सेवा इकाई की बिक्री से जोड़ा, यह कहते हुए कि यह राजस्व से जुड़ा नहीं था।
आईबीएम ने कहा कि उसका तिमाही राजस्व 6 प्रतिशत बढ़कर 16.7 अरब डॉलर हो गया।
आईबीएम के अध्यक्ष और सीईओ अरविंद कृष्ण ने एक सकारात्मक तस्वीर पेश करते हुए कहा : “2023 को देखते हुए हम अपने मध्य-एकल अंक मॉडल के अनुरूप पूरे साल के राजस्व में वृद्धि की उम्मीद करते हैं।”
उन्होंने कहा, “सभी भौगोलिक क्षेत्रों में ग्राहकों ने तेजी से हमारे हाइब्रिड क्लाउड और एआई समाधानों को अपनाया है, क्योंकि प्रौद्योगिकी आज के कारोबारी माहौल में एक अलग शक्ति बनी हुई है।”
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लेखक के बारे में
रॉयल बुलेटिन के संस्थापक एवं मुख्य संपादक अनिल रॉयल ने वर्ष 1985 में मात्र 17 वर्ष की आयु से मुज़फ्फरनगर की पावन भूमि से निर्भीक और जनपक्षधर पत्रकारिता का संकल्प लिया। बीते लगभग चार दशकों से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सशक्त और विश्वसनीय आवाज़ के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।
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