खाकी का साहस.. फरीदाबाद में फैक्ट्री की आग से लोगों को बचाते हुए एक दर्जन समेत दो पुलिसकर्मी खुद भी झुलसे
फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद के सेक्टर-24 स्थित एक फैक्टरी में सोमवार शाम को भीषण आग लगने से दो पुलिसकर्मी और 10 अन्य लोग झुलस गए। आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया। घायलों को तुरंत बादशाह खान अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।फायर विभाग और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में सीएनसी मशीन से स्टील की प्लेट काटने का काम होता है। शाम करीब चार बजे प्लेट काटते समय एक चिंगारी केमिकल से भरे ड्रम में चली गई। कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन इससे ब्लास्ट हो गया। ब्लास्ट के बाद आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और देखते ही देखते पूरी फैक्ट्री में फैल गई।
सूचना मिलते ही मौके पर फायर ब्रिगेड की कई गाडिय़ां पहुंचीं। आग बुझाने के दौरान तेल से भरे ड्रमों की मौजूदगी से आग और भडक़ गई। वहीं शॉर्ट सर्किट को भी आग का एक कारण बताया गया है, लेकिन प्रारंभिक जांच में सीएनसी मशीन से निकली चिंगारी और केमिकल ड्रम में ब्लास्ट मुख्य वजह लग रही है। झुलसे हुए लोगों में मनोज, लुकमान, अनीश, राकेश, विपिन, रविंदर व अन्य शामिल हैं। दो पुलिसकर्मी भी आग बुझाने और बचाव कार्य में शामिल होने के दौरान झुलस गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फैक्ट्री मालिक से पूछताछ की जा रही है। फायर विभाग और पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आग पर अब पूरी तरह काबू पा लिया गया है। औद्योगिक क्षेत्रों में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त दिशा निर्देशों की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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