दिल्ली में नकली प्रोटीन सप्लीमेंट रैकेट का भंडाफोड़, दो आरोपी गिरफ्तार
नई दिल्ली। दिल्ली क्राइम ब्रांच ने राजधानी और एनसीआर में सक्रिय नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने और बेचने वाले एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार ये आरोपी मशहूर ब्रांड के नाम पर नकली प्रोटीन सप्लीमेंट तैयार कर बाजार में बेच रहे थे, जिनके सेवन से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता था। पुलिस ने बताया कि इस संबंध में क्राइम ब्रांच थाने में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और कॉपीराइट एक्ट 1957 के तहत 7 मार्च को एफआईआर दर्ज की गई थी।
आरोपियों की पहचान मोहित तिवारी और मोहित दीक्षित के रूप में हुई है, जो दोनों दिल्ली के ब्रह्मपुरी इलाके के रहने वाले हैं। क्राइम ब्रांच की आरके पुरम स्थित टीम ने इंस्पेक्टर रामपाल के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। टीम में एसआई अमित, प्रमोद, मुकेश सिंह, एएसआई रामदास, अंकित, ओमबीर, संजय अमित, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र, यशपाल, गौरव और कांस्टेबल तेजपाल शामिल थे। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ब्रह्मपुरी क्षेत्र में नकली प्रोटीन सप्लीमेंट बनाने की अवैध फैक्ट्री संचालित हो रही है। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने इलाके में निगरानी और कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना अपराध कबूल कर लिया और पुलिस को अपनी अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट तक ले गए। तलाशी के दौरान पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में नकली प्रोटीन सप्लीमेंट, पैकेजिंग सामग्री और कच्चा माल बरामद किया। आरोपियों के पास से करीब 100 किलोग्राम तैयार नकली प्रोटीन और लगभग 55 किलोग्राम कच्चा माल जब्त किया गया। इसके अलावा मशहूर ब्रांड के नाम से तैयार किए गए कई डिब्बे, होलोग्राम स्टिकर, पैकेजिंग पाउच, प्लास्टिक जार, फ्लेवरिंग एजेंट, मिक्सिंग मशीन और इलेक्ट्रॉनिक वजनी मशीनें भी बरामद की गईं।
पुलिस के मुताबिक आरोपी ऑप्टिमम न्यूट्रिशन, सिंथा-6 और आइसोप्योर जैसे प्रसिद्ध ब्रांड के नाम का इस्तेमाल कर नकली सप्लीमेंट तैयार करते थे और उन्हें जिम और बाजारों में सप्लाई करते थे। इन उत्पादों के सेवन से उपभोक्ताओं को गंभीर बीमारियां होने का खतरा था। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस रैकेट में अनिल बिस्वा नाम का एक अन्य व्यक्ति भी शामिल है, जो सप्लाई चेन और कच्चे माल की व्यवस्था करता था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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लेखक के बारे में
मूल रूप से गोरखपुर की रहने वाली अर्चना सिंह वर्तमान में 'रॉयल बुलेटिन' में ऑनलाइन न्यूज एडिटर के रूप में कार्य कर रही हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों से अधिक का गहरा अनुभव है। नोएडा के प्रतिष्ठित 'जागरण इंस्टीट्यूट' से इलेक्ट्रॉनिक एवं प्रिंट मीडिया में मास्टर्स की डिग्री प्राप्त अर्चना सिंह ने अपने करियर की शुरुआत 2013 में पुलिस पत्रिका 'पीसमेकर' से की थी। इसके उपरांत उन्होंने 'लाइव इंडिया टीवी' और 'देशबंधु' जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं।
वर्ष 2017 से 'रॉयल बुलेटिन' परिवार का अभिन्न अंग रहते हुए, वे राजनीति, अपराध और उत्तर प्रदेश के सामाजिक-सांस्कृतिक मुद्दों पर प्रखरता से लिख रही हैं। गोरखपुर की मिट्टी से जुड़े होने के कारण पूर्वांचल और पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति पर उनकी विशेष पकड़ है।

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