नोएडा में कारोबारी से 1.45 करोड़ की साइबर ठगी, एटीएस और एनआईए का डर दिखाकर किया 'डिजिटल अरेस्ट'
दिल्ली पुलिस और एनआईए का अधिकारी बन ठगों ने 63 वर्षीय मनोज अग्रवाल को जाल में फंसाया
नोएडा के सेक्टर-78 निवासी 63 वर्षीय कारोबारी मनोज अग्रवाल से डिजिटल अरेस्ट के जरिए 1.45 करोड़ रुपये की ठगी की गई। ठगों ने दिल्ली पुलिस, एटीएस और एनआईए अफसर बनकर आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग में फंसाने की धमकी दी थी।
नोएडा: शहर के सेक्टर-78 में रहने वाले एक 63 वर्षीय कारोबारी के साथ 1 करोड़ 45 लाख 45 हजार रुपये की बड़ी डिजिटल अरेस्ट ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस, एटीएस और एनआईए का अधिकारी बताकर बुजुर्ग कारोबारी को अपने जाल में फंसाया। साइबर अपराधियों ने उन्हें आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में फंसाने का डर दिखाया और कई दिनों तक वीडियो कॉल के जरिए उन पर नजर रखी। इसके बाद उनसे अलग-अलग बैंक खातों में भारी रकम ट्रांसफर करवा ली गई।
27 जुलाई को आया था पहला वॉट्सऐप कॉल
पीड़ित कारोबारी मनोज अग्रवाल ने पुलिस में दर्ज कराई अपनी शिकायत में पूरी घटना की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई 2026 को उनके वॉट्सऐप नंबर पर एक अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम रंजीत कुमार बताया और दावा किया कि वह दिल्ली पुलिस का एक अधिकारी है।रंजीत कुमार ने मनोज अग्रवाल को बताया कि उनका नाम एक गंभीर आपराधिक मामले में सामने आया है। इसके तुरंत बाद कॉल को आगे ट्रांसफर कर दिया गया। कॉल पर बात करने वाले अन्य लोगों ने खुद को एटीएस का अधिकारी और एनआईए प्रमुख से जुड़े लोग बताया। ठगों ने कारोबारी से कहा कि उनका नाम आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में फंसा हुआ है।
परिवार और नाती को नुकसान पहुंचाने की दी धमकी
साइबर ठगों ने गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर मनोज अग्रवाल को डिजिटल अरेस्ट कर लिया। अपराधियों ने उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर रखा और उनकी हर गतिविधि पर नजर रखनी शुरू कर दी। ठगों ने कारोबारी को सख्त हिदायत दी कि वह इस बारे में अपने किसी भी रिश्तेदार, दोस्त या अन्य व्यक्ति से कोई बातचीत न करें।
कारोबारी को पूरी तरह डराने के लिए साइबर अपराधियों ने उनके पूरे परिवार को निशाना बनाया। ठगों ने उनके बच्चों, नाती और परिवार के अन्य सदस्यों को जान-माल का नुकसान पहुंचाने की सीधी धमकी दी। इस डर के कारण पीड़ित कारोबारी ठगों के निर्देश मानने पर मजबूर हो गए।
7 से 21 अगस्त के बीच ट्रांसफर कराए 1.45 करोड़ रुपये
लगातार दबाव और डर के माहौल में ठगों ने कारोबारी से पैसे ऐंठने शुरू किए। 7 अगस्त से लेकर 21 अगस्त के बीच ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में कई बार में कुल 1.45 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब कारोबारी को अपने साथ हुई ठगी की सच्चाई का अहसास हुआ, तो उन्होंने साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
मामले की जानकारी देते हुए डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि जिन बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है, पुलिस उनकी गहनता से जांच कर रही है। पुलिस टीम ने इस संबंध में बैंक अधिकारियों से भी संपर्क किया है। अब तक की जांच में पुलिस को इनपुट मिले हैं कि ठगी का यह पैसा किराए के बैंक खातों में पहुंचाया गया है।
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